'जंतर-मंतर पर नहीं लगे देश विरोधी नारे', रांची में बोलीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा
आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने विधायक निवास में प्रेस को संबोधित करते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और कहा कि यह आंदोलन गैर-दलीय है। ...और पढ़ें
HighLights
आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया।
जंतर-मंतर पर देश विरोधी नारे लगने के आरोप को नकारा।
कहा, केवल जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी हुई थी।
जागरण संवाददाता, रांची। विधायक निवास में प्रेस को संबोधित करते हुए आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि हम छात्रों के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं।
इस आंदोलन की खासियत यह है कि इसमें कोई दल नहीं है। छात्र अपना संगठन बनाकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां आंदोलनरत छात्र खुद ही कह रहे हैं कि हम किसी बैनर के साथ नहीं हैं। छात्रों ने खुद ही रिफार्म कमेटी बनाई है।
वहीं, आगे भाजपा के आंदोलन में समर्थन की बात पर उन्होंने कहा कि हां, इस आंदोलन में भाजपा के लोग भी आए हैं, तो अच्छी बात है।
दिल्ली में जब आंदोलन चला, शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन चला, उस समय छात्रों के प्रति उनमें सहानुभूति नहीं जगी। खैर, कोई बात नहीं। हम उस आंदोलन में भी थे। इस आंदोलन में भी हैं।
हम जब वहां पैलेट गन के सामने नहीं झुके। सत्ता के सामने नहीं झुके। हम यहां भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ छात्रों के आंदोलन के साथ हैं।
देश विरोधी नारे के सवाल पर दिया जवाब
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में देश विरोधी नारे लगने के सवाल पर नेहा ने सवाल पर सवाल उठाया और कहा, यह झूठ है। हमारे मंच से कौन सा देश विरोधी नारा लगा? उस प्रोटेस्ट में पहले दिन से आखिरी दिन तक शामिल रही।
एक भी नारा देश विरोधी नहीं लगा। हां, मोदी के खिलाफ नारा लगा। अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी हुई। शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगे, क्योंकि ये जनप्रतिनिधि हैं। ये अपना काम ठीक से नहीं करेंगे तो विरोध में नारे तो लगेंगे ही।