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    रांची की वीवीआईपी सड़क बनी जानलेवा! एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते पर धंसी सड़क, हर कुछ मिनट में हो रहे हादसे

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 11:55 AM (GMT+05:30)

    डोरंडा के एजी मोड से एयरपोर्ट जाने वाली मुख्य सड़क कई जगहों पर धंस गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने खराब मरम्मत कार्य और प ...और पढ़ें

    एयरपोर्ट जाने वाली मुख्य सड़क पर जगह-जगह धंसान।

    एयरपोर्ट जाने वाली मुख्य सड़क पर जगह-जगह धंसान।

    HighLights

    1. एजी मोड से एयरपोर्ट सड़क पर छह जगह धंसान।

    2. खराब मरम्मत कार्य से बढ़ रहे लगातार सड़क हादसे।

    जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी के डोरंडा स्थित एजी मोड से एयरपोर्ट जाने वाली मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। सड़क मरम्मत के नाम पर की गई लीपापोती कुछ ही समय में उखड़ गई और कई स्थानों पर सड़क धंस गई है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, मेकॉन चौक से हिनू चौक तक एक दिन पहले ही अलकतरा और गिट्टी डालकर सड़क की मरम्मत की गई थी। लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि अलकतरा और गिट्टी अलग-अलग हो गए तथा सड़क कई जगहों पर फिर से धंस गई।

    डोरंडा कालेज, अंसारी मोहल्ला, दर्जी मोहल्ला और कल्पतरु के तीनों पेड़ों के समीप सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। वहीं पूरे सड़क पर गिट्टी है।

    हर कुछ मिनट पर हो रहे हादसे, लोगों ने खुद संभाली सुरक्षा की जिम्मेदारी

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क धंसने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। लोगों ने दुर्घटना से बचाव के लिए धंसे हुए हिस्सों के पास लकड़ी और लाल रंग का कपड़ा लगाकर चेतावनी संकेत बनाया है। उनका आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़क की खुदाई की गई थी, लेकिन बाद में केवल डस्ट, अलकतरा और गिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी गई।

    वीवीआईपी मार्ग होने के बावजूद नहीं सुधर रही स्थिति

    यह सड़क एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना हजारों लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। मरीजों की एंबुलेंस, सरकारी अधिकारी और आम नागरिक भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है।

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    नयासराय जलमीनार परियोजना भी अधूरी, सड़क किनारे पड़े हैं पाइप

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नयासराय जलमीनार से बिरसा चौक, हिनू, डोरंडा, कुसई कालोनी होते हुए घाघरा तक जलापूर्ति पहुंचाने की योजना के तहत वर्षों पहले सड़क खोदी गई थी।

    हिनू से एजी मोड़ तक गड्ढे अब भी खुले हैं और राइजिंग पाइपलाइन सड़क किनारे पड़ी हुई है। लोगों का आरोप है कि परियोजना की धीमी गति और घटिया मरम्मत कार्य के कारण राजधानी में दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।

    कौन है जिम्मेवार?

    सड़क की बदहाली के लिए जुड़को कंपनी जिम्मेवार है। जुड़को की ओर से सालों से पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। काम काफी धीमी गति से होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।