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    रामलखन सिंह यादव कॉलेज में शिक्षकों का अकाल: गणित विभाग में 100 से अधिक छात्र, पढ़ाने वाला एक भी टीचर नहीं

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 07:49 AM (IST)

    रामलखन सिंह यादव कॉलेज के गणित विभाग में 100 से अधिक छात्रों के लिए एक भी शिक्षक नहीं है, जिसके कारण छात्रों ने कॉलेज आना बंद कर दिया है। ...और पढ़ें

    रामलखन सिंह कॉलेज में शिक्षकों का अकाल। फोटो- सोशल मीडिया

    रामलखन सिंह कॉलेज में शिक्षकों का अकाल। फोटो- सोशल मीडिया

    HighLights

    1. गणित विभाग में 100 से अधिक छात्रों के लिए शिक्षक नहीं।

    2. छात्रों ने कॉलेज आना बंद किया, पढ़ाई प्रभावित हुई।

    3. अतिथि शिक्षकों को एक साल से अधिक मानदेय नहीं मिला।

    दिवाकर सिंह, रांची। रामलखन सिंह यादव कॉलेज के गणित विभाग में स्नातक के अलग-अलग सेमेस्टर में 100 से अधिक विद्यार्थी हैं, लेकिन अब ये कालेज नहीं आते हैं। वजह है कि इस विभाग में एक भी शिक्षक नहीं है और छात्रों की क्लास नहीं चल पाती है।

    इस विभाग में न तो स्थायी शिक्षक है, न ही नीड बेस्ड और अतिथि शिक्षक। इसलिए अब विद्यार्थियों ने कॉलेज नहीं आने का फैसला लिया। विद्यार्थी किसी तरह अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। ये हाल केवल गणित विभाग का नहीं बल्कि कुछ और विभागों में भी है जहां स्थायी शिक्षकों की भारी कमी है। हालांकि इन विभागों में नीड बेस्ड और अतिथि शिक्षक हैं।

    गणित विभाग में 100 विद्यार्थी, शिक्षक एक भी नहीं

    रामलखन सिंह यादव कॉलेज में स्नातक के अलग-अलग सेमेस्टर में लगभग 100 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। कुछ महीने पहले सेवानिवृत शिक्षक को बुलाकर कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों की क्लास करवाता था। लेकिन अब ये शिक्षक ने भी पढ़ाना बंद कर दिया, जिसके बाद शिक्षकों की संख्या जीरो हो गयी। अब स्थिति ये है कि विद्यार्थियों को सिलेबस पूरा करवाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है।

    कॉलेज में हैं केवल 19 स्थायी शिक्षक, बाकी नीड बेस्ड व अतिथि

    रामलखन सिंह यादव कॉलेज में स्थायी शिक्षकों की भारी कमी है। यहां केवल 19 स्थायी शिक्षक हैं, जिसमें किसी-किसी विषय में दो-दो तो किसी में एक भी शिक्षक नहीं है। जिसके कारण विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नीड बेस्ड या अतिथि शिक्षकों का सहारा लेना पड़ता है।

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    एंथ्रोपोलाजी, बांग्ला, इकोनामिक्स, ज्योग्राफी, हिंदी, हिस्ट्री, खोरठा, कुडुख, मुंडारी, फिलासफी, पोलिटिकल साइंस, साइकोलाजी, सोशियोलाजी, उर्दू, फिजिक्स और जूलाजी में ही स्थायी शिक्षक हैं।

    इसके अलावा केमेस्ट्री, कामर्स, नागपुरी, कुरमाली, इंग्लिश, बॉटनी में नीड बेस्ड और अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं। वहीं गणित एक ऐसा विषय है इस कॉलेज में जहां किसी भी प्रकार के शिक्षक नहीं है। नीड बेस्ड शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है जिससे कॉलेज में पठन पाठन व्यवस्थित तरीके से चल रहा है। मानदेय नहीं मिलने से अतिथि शिक्षक भी हैं परेशान

    वहीं दूसरी ओर पिछले एक वर्ष से अधिक समय से अतिथि शिक्षकों का मानदेय नहीं मिला है। जिसके कारण ये शिक्षक भी कालेज आने में अपनी असर्थता जताते हैं। इनके अलावा नीड बेस्ड शिक्षकों को भी पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिला है। इससे उनकी भी परेशानी बढ़ी हुई है। वहीं विवि प्रशासन का कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है।

    गणित विभाग में एक भी शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की क्लास चलाने का संकट हो गया है। इसके लिए विवि को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। अब इस विषय के विद्यार्थी कालेज नहीं आते हैं।

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    डॉ. वीसी महतो, प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कालेज