रांची में ईडी अधिकारियों पर मारपीट का केस करने वाले संतोष पर 22.86 करोड़ के घोटाले में चार्जशीट
ईडी ने रांची में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार, उनकी पत्नी और एक शेल कंपनी के खिलाफ 22.86 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले में चार्जशीट ...और पढ़ें

ईडी ने संतोष कुमार की 6.26 करोड़ रुपये संपत्ति जब्त करने का किया आग्रह।
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ईडी ने 22.86 करोड़ रुपये हेराफेरी मामले में चार्जशीट दाखिल की।
कैशियर संतोष कुमार, पत्नी और शेल कंपनी आरोपी हैं।
ईडी ने 6.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आग्रह किया।
राज्य ब्यूरो, रांची। ईडी की रांची स्थित जोनल कार्यालय ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के स्वणेरेखा हेड वर्क्स डिविजन रांची से 22.86 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले में वहां के कैशियर-सह-उच्च श्रेणी लिपिक संतोष कुमार सहित तीन के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है।
रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में ईडी ने संतोष कुमार के अलावा उसकी पत्नी ललिता सिन्हा व उसकी शेल कंपनी मेसर्स राकड्रील कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड भी आरोपित है।
इस चार्जशीट में ईडी ने अदालत से आग्रह किया है कि आरोपितों की 6.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की अनुमति दें। यह वही संतोष कुमार है, जिसने ईडी के अधिकारियों के विरुद्ध मारपीट के मामले में रांची के एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
हाई कोर्ट के आदेश पर मारपीट संबंधित उक्त केस की जांच अब सीबीआइ कर रही है। ईडी ने दाखिल चार्जशीट में अदालत को बताया है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कैशियर सह उच्च श्रेणी लिपिक संतोष कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी खजाने से लगभग 22.86 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
शुरुआत में धोखाधड़ी की राशि कम बताई गई थी। ईडी ने पीएमएल अधिनियम के तहत जांच के क्रम में खुलासा किया कि उक्त राशि को धोखाधड़ी वाली पेयी आइडी व निष्क्रिय डीडीओ कोड में हेराफेरी करके दूसरी जगह भेजा गया था।
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हेराफेरी की राशि का जमीन, गहना व म्यूचुअल फंड में किया इस्तेमाल
ईडी की जांच में पता चला है कि इस तरह से हासिल गई राशि को आरोपित ने जमीन, गाड़ी, जेवर व म्युचूअल फंड में इस्तेमाल किया। इससे रांची के रातू में 6.81 डिसमिल जमीन खरीदी थी।
उक्त जमीन संतोष कुमार की बहन ममता सिन्हा के नाम पर रजिस्टर्ड था। संतोष कुमार की पत्नी ललिता सिन्हा के नाम पर एक टोयटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ी की बुकिंग की गई थी।
इसके अलावा आरोपित ने 1.78 करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात की खरीदारी व 25 से अधिक म्युचूअल फंड योजनाओं व कई फिक्स्ड डिपोजिट में भी निवेश किया।
26 जगहों पर तलाशी कर चुकी है ईडी
पूर्व में ईडी ने 26 जगहों पर तलाशी ली थी। इस तलाशी के दौरान ईडी ने 55.08 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी व विभाग के भीतर चल रहे सुनियोजित भ्रष्टाचार संबंधित खाता-बही जब्त की थी।
ईडी ने पहले ही लगभग 2.18 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थाई रूप से जब्त की थी। जिसपर एडजुकेडिंग अथारिटी ने भी सहमति दे दी है। इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
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