खेतों के बीच बने नर्सिंग होम में चल रहा था 'खेल', अभ्यर्थियों को रटाया जा रहा था फर्जी पेपर; रांची से 164 गिरफ्तार
JSSC Excise Constable: तमाड़ के सुनसान इलाके में उत्पाद विभाग भर्ती के नाम पर चल रहे बड़े ठगी का खुलासा हुआ है। रांची पुलिस ने एक अर्धनिर्मित नर्सिंग ...और पढ़ें

नवनिर्मित नर्सिंग कॉलेज भवन में की गई छापेमारी। (जागरण)
HighLights
उत्पाद विभाग भर्ती में बड़े ठगी का खुलासा।
तमाड़ के नर्सिंग होम से 164 लोग गिरफ्तार।
फर्जी प्रश्न पत्र रटाते हुए पकड़े गए अभ्यर्थी।
संवाद सूत्र, तमाड़। उत्पाद विभाग में भर्ती कराने के नाम पर चल रहे ठगी के बड़े खेल का खुलासा तमाड़ के एक सुनसान इलाके में हुआ।
ठगों ने अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए जिस स्थान का चयन किया, वह उनकी योजना और साजिश की गहराई को दर्शाता है।
तमाड़ के रड़गांव से करीब सात किलोमीटर दूर खेतों के बीच स्थित एक अर्धनिर्मित नर्सिंग होम भवन को इस अवैध काम के लिए चुना गया था, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति की नजर वहां न पड़े। यह भवन चारों ओर से सुनसान इलाके में स्थित है, जहां आसपास न तो कोई आबादी है और न ही कोई अन्य निर्माण। ठग इसी एकांत का फायदा उठाना चाहते थे।

नवनिर्मित नर्सिंग कॉलेज भवन में की गई छापेमारी।
गिरोह की योजना थी कि रात 12 बजे तक सभी अभ्यर्थियों को तथाकथित प्रश्न पत्र याद करा दिया जाए और उसके बाद उन्हें वहां से हटा दिया जाए, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, उनकी यह योजना सफल नहीं हो सकी।
रांची पुलिस को समय रहते सटीक सूचना मिल गई, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई। पुलिस ने कई टीमों का गठन कर एक साथ तमाड़ में छापेमारी की।
पहले पूरे इलाके की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी आरोपित मौके से भाग न सके। इसके बाद जब छापेमारी की गई, तो वहां मौजूद 164 लोगों को पकड़ लिया गया।
भवन में बिखरा पड़ा हुआ था प्रश्न पत्र
छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि नर्सिंग होम भवन के अंदर और आसपास फर्जी प्रश्न पत्र बिखरे पड़े थे। इससे स्पष्ट हो गया कि यहां किसी संगठित तरीके से अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा था।
यह मामला शहर में अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

भवन में बिखरा पेपर।
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने बेहद सटीक रणनीति के तहत कार्रवाई की। सभी टीमों को एक साथ मौके पर भेजा गया, जिससे आरोपितों को भागने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस थोड़ी भी देर करती, तो गिरोह के सदस्य अपने मंसूबों में कामयाब हो सकते थे और सबूत भी मिटा देते। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
आरोपितों का कॉल डिटेल खंगाल रही है पुलिस
आरोपितों के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस ठगी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।
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रांची पुलिस का कहना है कि सभी गिरफ्तार आरोपितों को जल्द ही रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे पूछताछ कर और अहम जानकारियां हासिल की जा सकें। इस कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस तरह के अन्य गिरोहों का भी पर्दाफाश किया जा सकेगा।