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    झारखंड हाई कोर्ट ने नक्शा स्वीकृति मामले में रांची के बिल्डर, जमीन मालिक और टाउन प्लानर को भेजा नोटिस

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 10:01 AM (IST)

    झारखंड हाई कोर्ट ने रांची के कचहरी चौक पर कमर्शियल बिल्डिंग के नक्शा स्वीकृति मामले में जमीन मालिक, बिल्डर और टाउन प्लानर को नोटिस जारी किया है। अदालत ...और पढ़ें

    रांची के कचहरी चौक स्थित एक प्लाट पर नक्शा पास करने का मामला।

    रांची के कचहरी चौक स्थित एक प्लाट पर नक्शा पास करने का मामला।

    HighLights

    1. कचहरी चौक नक्शा स्वीकृति पर हाई कोर्ट का नोटिस।

    2. जमीन मालिक, बिल्डर, टाउन प्लानर को जवाब देना होगा।

    3. अपर बाजार दुकानदारों को हाई कोर्ट से मिली राहत।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में कचहरी चौक स्थित एक प्लाट पर कमर्शियल बिल्डिंग का नक्शा स्वीकृत किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में जमीन मालिक, बिल्डर और टाउन प्लानर संजीव कुमार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने रांची नगर निगम को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

    अदालत ने स्पष्ट किया कि विवादित प्लाट पर इस दौरान यदि कोई निर्माण कार्य किया जाता है, तो वह इस याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश से प्रभावित होगा। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।

    प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा। प्रार्थी मनोज कुमार साहू एवं अन्य की ओर से याचिका दाखिल कर कचहरी रोड स्थित आरएस प्लाट संख्या 12 और 15 पर कमर्शियल बिल्डिंग के लिए रांची नगर निगम के 15 दिसंबर 2025 को स्वीकृत नक्शे को चुनौती दी है। याचिका में निगम के नक्शा स्वीकृति आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया गया है।

    प्रार्थियों का दावा है कि स्वीकृत नक्शे में जिस सड़क को दिखाया गया है, वह उनकी जमीन का हिस्सा है। जमीन मालिक शांतनु सिंह और कन्हैया सिंह ने कचहरी चौक स्थित आरएस प्लाट संख्या 12 और 15 को नारायणी रियल एस्टेट एलएलपी को दिया है।

    प्रार्थियों का कहना है कि मास्टर प्लान-2037 के तहत प्लाट संख्या 15 का उपयोग कमर्शियल और रेजिडेंशियल, दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। इस प्लाट पर केवल कमर्शियल बिल्डिंग के लिए नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता।

    अदालत को बताया कि साइट विजिट रिपोर्ट में भी प्लाट के उपयोग को कमर्शियल और रेजिडेंशियल बताया गया है। इसके बाद भी रांची नगर निगम ने प्लाट संख्या 15 पर केवल कमर्शियल बिल्डिंग के रूप में नक्शा स्वीकृत कर दिया। प्रार्थियों का दावा है कि निगम की यह कार्रवाई नियमों के अनुरूप नहीं है और रांची म्युनिसिपल एक्ट के प्रविधानों के भी विरुद्ध है।

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    अपर बाजार की दुकानों के खिलाफ नहीं होगी पीड़क कार्रवाई

    झारखंड हाई कोर्ट से अपर बाजार के कुछ और दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने बुधवार को रांची नगर निगम की ओर से दुकानदारों को जारी नोटिस के आधार पर किसी तरह की पीड़क कार्रवाई करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

    नगर निगम ने नक्शा विचलन और पार्किंग नहीं होने के बाद भी दुकानों के संचालन का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया था। इस संबंध में नितिन कुमार सर्राफ और अन्नपूर्णा ट्रेडिंग कंपनी की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रांची नगर निगम के नोटिस को चुनौती दी गई है।

    प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता देवेश अजमानी ने अदालत को बताया गया कि नगर निगम की ओर से जारी नोटिस नियम सम्मत नहीं है। नगर निगम ने बिना शोकाज और सुनवाई का मौका दिए ही जिन आधारों पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है, वह कानून के अनुरूप नहीं है।

    इसलिए नोटिस के आधार पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। प्रार्थियों का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने रांची नगर निगम को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके लिए निगम को चार सप्ताह का समय दिया गया है।

    अदालत ने अगले आदेश तक संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मंगलवार को भी अदालत ने इसी तरह से मामले में दुकानदारों को राहत प्रदान की थी।