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    अवैध शराब मामले में रांची पुलिस दिल्ली और यूपी में करेगी दबिश, बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान की आशंका

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 10:31 PM (IST)

    रांची में अवैध शराब निर्माण और सप्लाई की जांच तेज हो गई है, ओरमांझी पुलिस दिल्ली और यूपी जाकर नेटवर्क खंगालेगी। पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार और उत्पाद दरो ...और पढ़ें

    अवैध शराब मामले में जांच के लिए ओरमांझी पुलिस जाएगी दिल्ली और यूपी।

    अवैध शराब मामले में जांच के लिए ओरमांझी पुलिस जाएगी दिल्ली और यूपी।

    जागरण संवाददाता,रांची। रांची में अवैध तरीके से शराब निर्माण और उसकी सप्लाई के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। ओरमांझी थाना पुलिस ने भी अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

    उनसे यह जानकारी जुटाई जा रही है कि फैक्टरी में किस प्रकार शराब तैयार की जाती थी, वहां कौन-कौन लोग आते-जाते थे और अवैध गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं। फिलहाल फैक्टरी सील है, इसलिए पुलिस अभी उसके भीतर जाकर जांच नहीं कर पा रही है।

    जांच अधिकारियों ने फैक्टरी को जांच के उद्देश्य से खोलने की अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है। अनुमति मिलने के बाद पुलिस फैक्टरी के अंदर मौजूद मशीनों, कच्चे माल, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच करेगी।

    जांच का दायरा अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी बढ़ाया जा रहा है। ओरमांझी थाना पुलिस की टीम जल्द ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश जाएगी। वहां यह पता लगाया जाएगा कि फैक्टरी से तैयार शराब की कितनी खेप भेजी गई, किन-किन स्थानों पर उसकी सप्लाई हुई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।

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    पुलिस को आशंका है कि अवैध रूप से तैयार शराब की बड़े पैमाने पर सप्लाई की गई है, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसी कारण सप्लाई चेन, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    टीम वित्तीय लेन-देन, परिवहन दस्तावेज, मोबाइल काल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही हैं। उत्पाद विभाग और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

    उत्पाद विभाग ने इस मामले में गिरफ्तार पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार, संबंधित कंपनी और उत्पाद दरोगा रूपेश कुमार को नोटिस जारी कर 7 जुलाई तक जवाब देने को कहा है। सुबोध कुमार अपने अधिवक्ता के माध्यम से जवाब देंगे।

    विभाग का कहना है कि सभी पक्षों से प्राप्त जवाब की समीक्षा के बाद यह तय किया जाएगा कि अवैध शराब के निर्माण और सप्लाई में किसकी क्या भूमिका रही और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस के अनुसार जेल जाने से पहले पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उत्पाद दरोगा रूपेश कुमार जब अन्य इकाइयों की जांच में व्यस्त रहते थे, उसी दौरान फैक्टरी में अवैध तरीके से शराब तैयार की जाती थी। इस बयान के बाद पुलिस ने इस पहलू को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

    उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि उत्पाद दरोगा रूपेश कुमार हर महीने कितनी बार फैक्टरी का निरीक्षण करने पहुंचे थे और निरीक्षण के दौरान क्या-क्या कार्रवाई की गई थी।

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