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    रांची में नौकरी के नाम पर 17 लाख की ठगी, फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर देकर कई लोगों को लगाया चूना

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:45 PM (GMT+05:30)

    रांची में नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कई लोगों को चूना लगाया गया। हरमू निवासी मम ...और पढ़ें

    एआई जेनरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी।

    2. फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर कई बेरोजगारों को चूना लगाया।

    जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी में सरकारी और गैर सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी करने, फर्जी नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) देने और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है।

    इस संबंध में हरमू निवासी ममता कुमारी ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2024 में ममता कुमारी का संपर्क पिंटू साहू के माध्यम से विजय कुमार सिन्हा से हुआ।

    पिंटू साहू ने बताया कि वह विजय कुमार सिन्हा के साथ मिलकर सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी दिलाने का काम करता है। इसके बाद ममता को अशोक नगर स्थित कार्यालय बुलाया गया, जहां उनसे आवेदन पत्र भरवाया गया और इंटरव्यू भी लिया गया।

    दो दिन बाद उन्हें फोन कर पैसे के साथ कार्यालय बुलाया गया। वहां उन्हें फ्रंटलाइन एक्स सर्विस ब्यूरो में ऑफिस असिस्टेंट पद का नियुक्ति पत्र दिया गया। इसके बाद विजय कुमार सिन्हा ने ममता से कहा कि वह अपने परिचित बेरोजगार युवक-युवतियों को भी नौकरी के लिए कार्यालय लेकर आएं, क्योंकि कई विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से रिक्तियां हैं और इंटरव्यू के बाद चयन हो जाएगा।

    महिला को झांसा में लेकर परिचितों को बुलाया गया कार्यालय

    ममता अपने कई परिचितों को कार्यालय लेकर गईं। सभी से आवेदन पत्र भरवाया गया, इंटरव्यू लिया गया और प्रति अभ्यर्थी 2500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया। कुछ दिनों बाद पिंटू साहू ने फोन कर बताया कि सभी अभ्यर्थियों का चयन हो गया है।

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    उसने कहा कि सभी उम्मीदवारों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है, ममता ही सभी का पैसा लेकर आएं और नियुक्ति पत्र ले जाएं। प्राथमिकी के अनुसार, विजय कुमार सिन्हा और पिंटू साहू के कहने पर ममता ने अभ्यर्थियों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से पैसे लेकर उन्हें भुगतान किया। इस तरह कुल 17 लाख रुपये दोनों के खाते एवं नकद के रूप में दिए गए।

    विभाग में जाने के बाद पता चला कि उनके साथ हुई है ठगी

    इसके बाद सभी अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित विभाग में योगदान देने पहुंचे, जहां पता चला कि सभी नियुक्ति पत्र फर्जी हैं और नौकरी के नाम पर ठगी की गई है। शिकायत में कहा गया है कि जब इस संबंध में विजय कुमार सिन्हा से शिकायत की गई तो उसने मामले को दबाने के लिए कुछ पैसे लौटाए और किसी को जानकारी नहीं देने की बात कही।

    आरोप है कि उसने कहा कि यदि किसी को बताया गया या पैसे की मांग की गई तो रकम वापस नहीं मिलेगी। बाद में जब शेष राशि की मांग की गई तो उसने गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपित ने कहा कि यदि पैसे मांगोगी तो सड़क दुर्घटना करवा देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा कि यह हादसा नहीं बल्कि साजिश थी।

    अलग-अलग ली गई राशि

    प्राथमिकी में ममता कुमारी ने बताया है कि इस गिरोह ने उनके अलावा कई अन्य छात्र छात्राओं से भी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की। शिकायत में ममता कुमारी से 2.80 लाख रुपये, मनीष कुमार से 2.80 लाख रुपये, मनीषा कुमारी से 1.60 लाख रुपये सहित कई अन्य अभ्यर्थियों से अलग अलग राशि लेने का उल्लेख किया गया है।

    सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सरकारी विभागों में नौकरी का भरोसा दिलाया गया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक खातों में हुए लेनदेन, नकद भुगतान, फर्जी नियुक्ति पत्र, कार्यालय संचालन और आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। साथ ही शिकायत में जिन अन्य पीड़ितों का उल्लेख है, उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे।