JPSC-JSSC में गड़बड़ी के खिलाफ रांची में प्रोटेस्ट जारी, प्रदर्शनकारी बोले- आंदोलन खत्म करने का बनाया जा रहा दबाव
आंदोलनकारी राम अवतार महतो के नेतृत्व में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन जारी है, जिस पर आंदोलन समाप्त करने का दबाव बनाया जा ...और पढ़ें

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन जारी।
HighLights
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन जारी।
कथित उपद्रवियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज।
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा विभिन्न चयन परीक्षाओं में हो रहे अनियमितता और भारी धांधली का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
मांडू, रामगढ़ निवासी व जेपीएससी अभ्यर्थी राम अवतार महतो द्वारा जेपीएससी जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाभियान प्रशासन को सूचना देने के साथ लगातार चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है।
बता दें कि, 6 जुलाई को मुख्यमंत्री सचिवालय रांची, 13 जुलाई को शांतिपूर्ण आंदोलन का सूचना उपायुक्त रांची, 13 जुलाई को कोतवाली थाना प्रभारी को आंदोलन की सूचना, 14 जुलाई को जेपीएससी परीक्षा स्थगित करने का आवेदन, 24 जुलाई को उपायुक्त रांची बापू वाटिका में सत्याग्रह धरना, 28 जुलाई को उपयुक्त रांची को सत्याग्रही धरना स्थल बदल कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम।
वहीं 28 जुलाई को धरनास्थल से अल्बर्ट एक्का चौक तक संविधान पदयात्रा, 30 जुलाई को कोतवाली थाना में आंदोलन भंग करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 30 जुलाई को उपायुक्त, एसडीओ रांची से कथित उपद्रवियों द्वारा सुरक्षा की मांग, 30 जुलाई को कैंडल मार्च निकला गया।
इसके तहत बीते 25 जुलाई से बापू वाटिका मोरहाबादी में सत्याग्रह धरना दिया जा रहा था। नेशनल डूरंड फुटबाल मैच होने के कारण प्रशासन की गाइडलाइन पर आंदोलन स्थल का बदलाव करते हुए 28 जुलाई को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रांची में शांतिपूर्ण सत्याग्रह चलाया जा रहा है एवं 29 जुलाई को धरनास्थल अल्बर्ट एक्का चौक तक छात्रों द्वारा संविधान यात्रा निकाली गई।
संविधान यात्रा सफल होने के साथ ही, अभ्यर्थी राम अवतार महतो पर आंदोलन तोड़ने एवं खत्म करने को लेकर लगातार उपद्रवियों द्वारा दबाव बनाए जाने लगा। जिससे आहत होकर अभ्यर्थी राम अवतार महतो द्वारा 30 जुलाई को कोतवाली थाना में कथित उपद्रवियों पर नाम दर्ज शिकायत दर्ज की गई एवं उपायुक्त से समुचित सुरक्षा की मांग की गई।
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31 जुलाई को धरनास्थल से अल्बर्ट एक्का चौक तक छात्रों का विशाल केंडल मार्च निकाला गया। शनिवार को रामावतार महतो ने प्रेसवार्ता करते हुए आंदोलन को अलग गुट में टूटने पर चिंता व्यक्त की एवं प्रशासन से समुचित कार्रवाई की मांग की। आठवें और नौवें दिन भी सत्याग्रह धरना जारी है।
आठ घंटे बाद टावर से उतरा हीरालाल, पत्नी-बच्चों से मिलकर हुआ भावुक
जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित टावर पर चढ़े हीरालाल करीब आठ घंटे तक चले हाई वोल्टेज घटनाक्रम के बाद प्रशासन के समझाने बुझाने के बाद हीरालाल सुरक्षित नीचे उतर आया। नीचे उतरते ही वह अपनी पत्नी और बच्चों से मिला और भावुक होकर रो पड़ा।
बातचीत के क्रम में हीरालाल ने कहा कि वह लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के कारण उन्हें बार-बार निराशा हाथ लगी है। उन्होंने बेरोजगारी और पारिवारिक तनाव को अपनी नाराजगी का प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से छात्रों के आंदोलन में सक्रिय रहा है और छात्र छात्राओं की मांग और आवाज को बुलंद करता रहा है। घटना के बाद पुलिस ने हीरालाल को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाना भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड का युवा अपने भविष्य को ले चिंता और असमंजस में : रवि
झारखंड का युवा अपने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता और असमंजस में है। वर्षों की मेहनत, तैयारी और संघर्ष के बाद भी यदि भर्ती प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठते हैं, तो सबसे बड़ा नुकसान युवाओं के विश्वास का होता है। जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी भर्तियों को लेकर समय-समय पर कई तरह के आरोप, शिकायतें और विवाद सामने आए हैं।
ऐसे मामलों में केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है। उक्त बातें अभाविप के झारखंड प्रदेश संयोजक रवि अग्रवाल ने कही।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सभी विवादों की निष्पक्ष, समयबद्ध और विश्वसनीय जांच कराई जाए। यदि परिस्थितियां ऐसी हैं कि राज्य स्तर की जांच पर अभ्यर्थियों का विश्वास नहीं बन पा रहा है, तो केंद्र सरकार से सीबीआइ जांच की अनुशंसा करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था को पहले से दोषी ठहराना नहीं है बल्कि सच्चाई सामने लाना और युवाओं का भरोसा बहाल करना है। आज हजारों अभ्यर्थी वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके परिवार आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करते हैं।
ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। यह स्थिति किसी भी लोकतांत्रिक राज्य के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कह कि सरकार से मांग है कि यदि किसी भी भर्ती में अनियमितता या भ्रष्टाचार सिद्ध होता है, तो दोषियों पर बिना किसी भेदभाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही, जिन अभ्यर्थियों ने ईमानदारी से परीक्षा दी है, उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। भविष्य की सभी भर्तियों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे पारदर्शिता बढ़े और विवाद की संभावना न्यूनतम हो। कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य का प्रश्न है।
युवाओं को न्याय मिलना चाहिए, योग्य अभ्यर्थियों का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए। हम सभी लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से इस मांग को उठाते रहेंगे और सरकार से आग्रह करते हैं कि युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई करे।
न्याय में देरी भी न्याय से वंचित करने के समान है। इसलिए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ न्याय हमारी प्रमुख मांग है।