25 नई ट्रेनें बदलेंगी झारखंड की कनेक्टिविटी, रांची रेल मंडल का मास्टरप्लान; वंदे भारत और मेमू सेवाएं शामिल
रांची रेल मंडल ने अगले पांच वर्षों में 25 नई ट्रेनें शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें लंबी दूरी की, वंदे भारत और मेमू सेवाएं शामिल हैं। इसका उद्देश् ...और पढ़ें

रांची रेल मंडल ने 25 नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की रूपरेखा तैयार की है।
HighLights
अगले 5 वर्षों में राजधानी रांची से 25 नई ट्रेनें शुरू होंगी।
वंदे भारत, अमृत भारत, मेमू सेवाएं भी शामिल होंगी।
रांची से कई शहरों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची रेल मंडल ने यात्री मांग, औद्योगिक जरूरतों और तेजी से बढ़ते रेल यातायात को देखते हुए लगभग 25 नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की रूपरेखा तैयार की है। इनमें लंबी दूरी की सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ वंदे भारत, अमृत भारत तथा क्षेत्रीय मेमू सेवाएं भी शामिल होने की संभावना है।
हालांकि अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड और दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय की मंजूरी के बाद ही होगा, लेकिन कई प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार चल रहा है। इसके अलावा, रांची रेल मंडल ने फिलहाल नई ट्रेनों के साथ-साथ सात प्रमुख ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़ने और यात्री सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया है, जिससे प्रतीक्षा सूची कम करने का लक्ष्य है।
रांची रेल मंडल का मानना है कि राजधानी रांची से दक्षिण भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों के लिए अभी भी सीधी रेल सेवाओं की कमी है।
यही कारण है कि पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, भोपाल, इंदौर, नागपुर और सूरत जैसे शहरों के लिए नई ट्रेनों की मांग लगातार उठ रही है। इसके अलावा अयोध्या, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी जैसे धार्मिक एवं शैक्षणिक केंद्रों के लिए भी अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
क्षमता वृद्धि परेयाजनाओं पर चल रहा काम
योजना के तहत रांची से भुवनेश्वर, टाटानगर और पटना के लिए नई या अतिरिक्त वंदे भारत सेवाओं का प्रस्ताव भी प्रमुखता से शामिल बताया जा रहा है। वर्तमान में रांची–वाराणसी वंदे भारत को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, जिससे अन्य मार्गों पर भी तेज गति की ट्रेनों की संभावना मजबूत हुई है।
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नई ट्रेनों का संचालन तभी संभव होगा, जब समानांतर रूप से रेल अवसंरचना का विस्तार भी किया जाए। इसी दिशा में रांची–हटिया तीसरी और चौथी लाइन, स्टेशन पुनर्विकास तथा अन्य क्षमता वृद्धि परियोजनाओं पर काम चल रहा है। रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में आसानी होगी।
स्थानीय नेटवर्क को करना है मजबूत
रांची–लोहरदगा, रांची–टोरी, हटिया–बरकाकाना, रांची–बोकारो–धनबाद और रांची–मुरी खंडों पर नई मेमू सेवाएं शुरू करने अथवा उनकी संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
केवल लंबी दूरी ही नहीं, बल्कि रांची मंडल के भीतर स्थानीय रेल नेटवर्क को भी मजबूत करने की तैयारी है। इससे रोजाना नौकरी, शिक्षा और व्यापार के लिए यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।
बजट से मिल रही विस्तार को गति
रेल बजट 2026-27 में झारखंड के लिए 7,536 करोड़ का प्रावधान भी राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार को गति देने वाला माना जा रहा है। रेलवे के अनुसार राज्य में हजारों करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी है, जिनका लाभ भविष्य में नई ट्रेन सेवाओं के रूप में भी मिलेगा।
अभी तक रांची रेल मंडल द्वारा अगले 5 वर्षों में 25 नई ट्रेनों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। हालांकि रेलवे बोर्ड, दक्षिण-पूर्व रेलवे और रांची मंडल के प्रस्तावों, यात्री मांग तथा हाल के बुनियादी ढांचा विकास को देखते हुए कुछ रूट सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
संभावित नई ट्रेनें या सेवाएं
- रांची–पुणे सुपरफास्ट (दैनिक/साप्ताहिक)
- रांची–हैदराबाद एक्सप्रेस (दैनिक)
- रांची–चेन्नई एक्सप्रेस
- रांची–कोयंबटूर/एर्नाकुलम एक्सप्रेस
- रांची–जयपुर एक्सप्रेस
- रांची–अयोध्या–लखनऊ एक्सप्रेस
- रांची–वाराणसी इंटरसिटी
- रांची–प्रयागराज एक्सप्रेस
- रांची–गुवाहाटी एक्सप्रेस
- रांची–भुवनेश्वर वंदे भारत
- रांची–पटना वंदे भारत (दूसरी सेवा)
- रांची–टाटानगर वंदे भारत
- रांची–बोकारो–धनबाद मेमू
- रांची–लोहरदगा पांचवीं मेमू (इसकी तैयारी की जानकारी सामने आई है।)
- रांची–टोरी मेमू
- हटिया–बरकाकाना मेमू
- रांची–दुमका नियमित एक्सप्रेस
- रांची–देवघर एक्सप्रेस
- रांची–राउरकेला इंटरसिटी
- रांची–बिलासपुर एक्सप्रेस
- रांची–नागपुर एक्सप्रेस
- रांची–इंदौर एक्सप्रेस
- रांची–भोपाल एक्सप्रेस
- रांची–सूरत एक्सप्रेस
- रांची–मुंबई दूसरी दैनिक सुपरफास्ट
रांची रेल मंडल में भविष्य की कई योजनाओं पर काम चल रहा है। अगामी कुछ वर्षों में नई ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर, रांची से दक्षिण भारत सहित देश के प्रमुख बड़े शहरों के लिए ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया है।
-संजय सेठ, रक्षा राज्य मंत्री