रांची में महज 2 घंटे की बारिश ने खोली प्रशासन की पोल; सड़कें बनीं तालाब, कई इलाकों में थम गई रफ्तार
रांची में दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी, जिससे सड़कें तालाब बन गईं और नालियां उफनने लगीं। जगह-जगह जलजमाव और ट्र ...और पढ़ें

सड़के बनी तालाब। फोटो जागरण
HighLights
रांची में दो घंटे की बारिश ने जल निकासी की पोल खोली।
शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में बदलीं, नालियां उफनकर बहीं।
जलजमाव और ट्रैफिक जाम से लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
जागरण संवाददाता, रांची। शुक्रवार शाम करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी रांची की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि नालियां उफनकर सड़कों पर बहने लगीं। जगह-जगह जलजमाव के कारण लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा।
कई इलाकों में गंदा नाले का पानी घरों और दुकानों में घुस गया। बारिश का सबसे अधिक असर बांधगाड़ी क्षेत्र, लोअर लालपुर, धोबी मोहल्ला में देखने को मिला। दूसरी ओर हलधर प्रेस गली में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में डूब गए।
रांची रेलवे स्टेशन के आसपास भी हालात बदतर रहे। स्टेशन पहुंचने और बाहर निकलने वाले यात्रियों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। ओवरब्रिज के नीचे नाली का काला पानी जमा हो गया, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई और यातायात प्रभावित रहा।
सेवा सदन पथ एक बार फिर जलजमाव की चपेट में आ गया। नाली का गंदा पानी दुकानों में घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदारों ने पानी निकालने के लिए मोटर और बाल्टियों का सहारा लिया।
बारिश के दौरान मेन रोड, रातू रोड, कांके रोड, हरमू, हिंदपीढ़ी, डोरंडा, लालपुर, लोअर बाजार और अन्य प्रमुख इलाकों में भी सड़कें जलमग्न रहीं। वाहनों की रफ्तार थम गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। शाम में कार्यालय से लौट रहे लोगों काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद राजधानी की जल निकासी व्यवस्था आखिर कब सुधरेगी। हर तेज बारिश के बाद शहर की सड़कें तालाब बन जाती हैं और लोगों को घंटों जाम, जलजमाव और गंदे पानी से जूझना पड़ता है।