‘मिनी इंग्लैंड’ का काला सच: रांची के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मैकलुस्कीगंज को बर्बाद कर रहे 30 अवैध ईंट भट्ठे
रांची के मैकलुस्कीगंज में अवैध ईंट-भट्ठों और क्रशर के संचालन पर राज्य सरकार ने रिपोर्ट मांगी है। प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि अंचलाधिकार ...और पढ़ें

रांची के सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल बर्बाद करने का मुद्दा उठा विधानसभा में उठा।
HighLights
मैकलुस्कीगंज में अवैध ईंट-भट्ठों पर सरकार ने रिपोर्ट मांगी।
मंत्री ने 30 अवैध भट्ठों के संचालन की बात स्वीकार की।
सीपी सिंह ने उठाया सवाल, इससे पहले सरकार सोई हुई थी क्या।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य सरकार ने रांची के मैकलुस्कीगंज में अवैध ईंट-भट्ठा व क्रशर संचालन पर रिपोर्ट मांगी है। प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अंचलाधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी से सभी के कागजात की मांग की गई है। रिपोर्ट के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, भाजपा विधायक प्रकाश राम ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से कहा कि यह रांची का प्रमुख पर्यटन स्थल है। लेकिन यहां नौ अवैध ईंट भट्ठे और क्रशर संचालित हैं, जिससे वहां का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।
इसपर मंत्री ने कहा कि नौ नहीं, कुल 30 ईंट भट्ठे संचालित हैं, जिनके कागजात की मांग सात मार्च को की गई है। मंत्री के कथन पर भाजपा विधायक सीपी सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि मंत्री क्या गौरव की बात कर रहे हैं कि 30 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं।
इसका मतलब यह कि सरकार स्वीकार कर रही है कि इससे पहले सरकार सोई हुई थी। वहां अवैध रूप से ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं और अभी सरकार कागजात ही मांग रही है। विधायक ने सवाल की तो सरकार की नींद खुली।
जवाब में मंत्री ने कहा कि वह कुछ छिपा नहीं रहे हैं। ईंट भट्ठे वैध हैं या अवैध, उसकी जांच चल रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई भी होगी।
मैक्लुस्कीगंज क्यों फेमस है?
मैक्लुस्कीगंज झारखंड की राजधानी रांची के पास स्थित एक खूबसूरत और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, जो अपनी अनोखी एंग्लो-इंडियन विरासत के लिए जाना जाता है। 1930 के दशक में इसे एंग्लो-इंडियन समुदाय के बसने के लिए विकसित किया गया था, जिसकी झलक आज भी यहां के पुराने बंगले, चर्च और शांत वातावरण में देखने को मिलती है।
यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है—घने जंगल, पहाड़ियां और शांत माहौल इसे शहर की भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश करने वालों के लिए खास बनाते हैं। सर्दियों के मौसम में यहां का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है, जिससे पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
मैक्लुस्कीगंज अपनी सांस्कृतिक विविधता, पुराने ब्रिटिश दौर के आर्किटेक्चर, और शांत लाइफस्टाइल के कारण “मिनी इंग्लैंड” के नाम से भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह जगह पर्यटन, फिल्म शूटिंग और नेचर लवर्स के बीच खास पहचान रखती है।