विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड स्मार्ट क्लास रिपोर्ट: रांची का खराब प्रदर्शन, एक भी स्कूल नहीं बना पाया टॉप-25 जगह; इन जिलों का रहा दबदबा

Published: Sun, 03 May 2026 12:38 PM (IST)

झारखंड के 439 आदर्श विद्यालयों की स्मार्ट क्लास रिपोर्ट में रांची का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां एक भी स्कूल टॉप-25 में जगह नहीं बना पाया।

AI Generated Image

AI Generated Image

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड के 439 आदर्श विद्यालयों की जेएचपीएमएस (झारखंड प्रोजेक्ट मानिटरिंग सिस्टम) पोर्टल आधारित स्मार्ट क्लास ताजा रिपोर्ट (1 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026) ने राजधानी रांची के प्रदर्शन की पोल खोल दी है।

जहां गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और लोहरदगा जैसे जिले स्मार्ट क्लास के उपयोग और नियमित रिपोर्टिंग में आगे नजर आए, वहीं रांची का एक भी विद्यालय टॉप-25 में जगह नहीं बना सका।

राजधानी होने के बावजूद रांची का शीर्ष सूची से बाहर रहना शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य जिलों ने जहां डिजिटल शिक्षण को प्रभावी तरीके से अपनाया है, वहीं रांची में अब भी इसकी गति धीमी है। स्मार्ट क्लास संचालित होने के बावजूद पोर्टल पर नियमित डेटा अपडेट नहीं होने से वास्तविक प्रदर्शन सामने नहीं आ पा रहा है।

जिलेवार टॉप प्रदर्शन (टॉप-25 में हिस्सेदारी)

जिला का नाम विद्यालयों की संख्या रैंक
देवघर 5 3, 4, 10, 24, 25
गिरिडीह 3 1, 16, 17
लोहरदगा 3 5, 9, 12
पाकुड़ 3 11, 14, 19
जामताड़ा 2 2, 6
धनबाद 2 18, 20
साहिबगंज 1 7
सिमडेगा 1 8
रामगढ़ 1 13
पश्चिमी सिंहभूम 1 15
पूर्वी सिंहभूम 1 21
गढ़वा 1 22
पलामू 1 23

रांची टॉप-25 में एक भी विद्यालय शामिल नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, गिरिडीह का एचएस पचंबा पूरे राज्य में पहले स्थान पर रहा, जिसने स्मार्ट क्लास के उपयोग में सर्वाधिक आंकड़े दर्ज किए। वहीं देवघर और जामताड़ा के विद्यालयों ने भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रांची में संसाधनों और तकनीकी सुविधाओं की कमी नहीं है, लेकिन जेएचपीएमएस पोर्टल पर नियमित डेटा अपलोड और विद्यालय स्तर पर मानिटरिंग की कमी के कारण जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई है।

विभाग सख्त, दिए गए निर्देश

रांची जिले के सभी प्राचार्यों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि:-

  • प्रत्येक शिक्षक प्रतिदिन कम से कम एक स्मार्ट क्लास का डेटा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें।
  • विद्यालय स्तर पर नियमित मानिटरिंग सुनिश्चित करें।
  • तकनीकी सहायकों की भूमिका को सक्रिय बनाया जाए।

यह भी पढ़ें- जबलपुर हादसे के बाद भी झारखंड के डैम में जानलेवा लापरवाही, बीच पानी में सेल्फी के लिए लाइफ जैकेट उतार रहे सैलानी

यह भी पढ़ें- झारखंड HC के आदेश से संकट में पत्थर उद्योग, नियमों में बदलाव से खनन और क्रशर इकाइयां प्रभावित