राहुल गांधी से मिले रांची के सार्थक सिद्धांत, सीबीएसई मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ी की दी जानकारी
रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत ने राहुल गांधी को सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में अनियमितताओं की जानकारी दी। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में धा ...और पढ़ें

रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत ने राहुल गांधी को बताई सीबीएसई मार्किंग सिस्टम की अनियमितताएं।
HighLights
सार्थक सिद्धांत ने राहुल को सीबीएसई अनियमितता बताई।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर में धांधली का आरोप लगाया।
मामला संसदीय समिति के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार को राहुल गांधी से मुलाकात कर सीबीएसई की आन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से संबंधित अनियमितताओं के बारे में बताया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी मौजूद थे।
संसद भवन में सार्थक सिद्धांत को संसदीय समिति के समक्ष भी अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया गया था। सार्थक के अनुसार, उसने इसी साल सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी। नए मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठने के बाद उसने सीबीएसई के टेंडर डाक्यूमेंट्स खंगालने शुरू किए और कई खामियां ढूंढ़कर इंटरनेट मीडिया पर उजागर किया।
सार्थक ने आरोप लगाया कि सीबीएसई के टेंडर डाक्यूमेंट्स से स्पष्ट है कि यह किसी खास सर्विस प्रोवाइडर को फायदा पहुंचने के लिए तैयार किया गया था। सार्थक ने दावा किया कि फरवरी 2025 में जारी पहले टेंडर में टीसीएस और कोएम्प्ट एजुटेक नामक दो कंपनियों ने ओएसएम टेंडर के लिए आवेदन किया था।
लेकिन बाद में टेंडर पब्लिक रिकार्ड से हटाकर नए टेंडर के नियमों में बदलाव किया गया। छात्र का आरोप है कि ब्लैकलिस्टिंग, खराब प्रदर्शन और टर्नओवर जैसे नियमों को इस तरह से जानबूझकर घुमाया गया कि कोएम्प्ट एजुटेक आसानी से क्वालीफाई कर सका।
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क्या है पूरा मामला? जानिए 4 बड़ी बातें
- टेंडर में बदलाव का आरोप: सार्थक सिद्धांत का दावा है कि फरवरी 2025 में जारी पहले टेंडर में TCS और कोएम्प्ट एजुटेक शामिल थीं। बाद में पहले टेंडर को पब्लिक रिकॉर्ड से हटाकर नियमों में बदलाव किया गया।
- शर्तों से छेड़छाड़: ब्लैकलिस्टिंग, खराब प्रदर्शन और टर्नओवर से जुड़े नियमों को कथित तौर पर इस तरह बदला गया जिससे एक खास सर्विस प्रोवाइडर को फायदा पहुंचे।
- निशाने पर OSM सिस्टम: सीबीएसई की 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली में आ रही गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर छात्र ने आवाज उठाई है।
- संसदीय समिति तक पहुंची बात: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्र सार्थक को संसद भवन में संसदीय समिति के समक्ष भी अपनी बात रखने का मौका मिला।
टाइमलाइन
| समय / वर्ष | घटनाक्रम |
| मार्च-अप्रैल 2025 | सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी। |
| परिणाम के बाद | ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के कारण कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी के सवाल उठे। |
| जून-जुलाई 2025 | सार्थक ने सीबीएसई के टेंडर डॉक्यूमेंट्स खंगाले और सोशल मीडिया पर विसंगतियों को उजागर किया। |
| जून 2026 | रांची के सार्थक ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और संसदीय समिति के सामने अपना पक्ष रखा। |
क्या होती है ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली?
- क्या है OSM: ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है। इसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर अपलोड कर दिया जाता है।
- कैसे जांची जाती है कॉपी: शिक्षक पेन-कागज के बजाय कंप्यूटर या टैबलेट पर डिजिटल टूल्स का उपयोग करके कॉपियों का मूल्यांकन करते हैं और अंक देते हैं।
- विवाद की वजह: यदि इस प्रणाली के सॉफ्टवेयर या टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता न हो, तो कॉपियों की चेकिंग में भारी गड़बड़ी और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने की आशंका रहती है।
बैठक में मौजूद प्रमुख चेहरे
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा)
सार्थक सिद्धांत (शिकायतकर्ता छात्र, रांची, झारखंड)
राजेश ठाकुर (पूर्व अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी)