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    झारखंड से चलने वाली ट्रेनों में सफर के बीच में सूख रही कोच की टंकी, गरीब रथ और स्वर्ण जयंती में भी परेशानी

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 07:00 PM (IST)

    लंबी दूरी की ट्रेनों में नामित स्टेशनों पर पानी भरने के बावजूद बीच रास्ते में कोचों में पानी खत्म होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे यात्रियों को भारी प ...और पढ़ें

    रांची से दिल्ली जाने और दिल्ली से रांची आने वाली ट्रेनों में भी सामने आ रही पानी खत्म होने की शिकायत।

    रांची से दिल्ली जाने और दिल्ली से रांची आने वाली ट्रेनों में भी सामने आ रही पानी खत्म होने की शिकायत।

    HighLights

    1. लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी की कमी से यात्री परेशान।

    2. रांची से दिल्ली रूट पर गरीब रथ में पानी की किल्लत।

    3. नामित स्टेशनों पर पानी भरने की निगरानी में सुधार जरूरी।

    जागरण संवाददाता, रांची। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को पानी उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने अलग-अलग स्टेशनों को नामित कर रखा है, लेकिन रिफिलिंग की प्रभावी निगरानी नहीं होने से कई बार कोच में पानी खत्म होने की शिकायत सामने आ रही है।

    रांची रेल मंडल से खुलने वाली दिल्ली की ओर जाने वाली कुछ प्रमुख ट्रेनों में चार-पांच स्टेशन आगे बढ़ने के बाद ही पानी की उपलब्धता प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। स्थिति यह है कि पानी खत्म होने पर यात्रियों को दूसरे कोच में जाकर पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है।

    हाल ही में रांची से नई दिल्ली जाने वाली 12877 रांची-नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस में भी यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बाद कुछ कोचों में पानी खत्म होने की शिकायत सामने आई।

    इस ट्रेन में पानी भरने के लिए बरकाकाना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल नामित स्टेशन हैं। यह शिकायत जी-3 बोगी में थी। रेलवे के निर्धारित वाटरिंग प्वाइंट की सूची में इन स्टेशनों को शामिल किया गया है।

    ट्रेन संख्या 12878 नई दिल्ली से रांची आने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस है और इसका मार्ग कानपुर, प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बरकाकाना और मुरी होते हुए रांची तक है।

    इसी तरह 12817/12818 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (गोमो मार्ग) के लिए गोमो, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल नामित वाटरिंग स्टेशन हैं।

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    वहीं 12873/12874 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (बरकाकाना मार्ग) में बरकाकाना, चुनार, प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर कोच में पानी भरने की व्यवस्था है। 12873 हटिया से आनंद विहार टर्मिनल तथा 12874 आनंद विहार टर्मिनल से हटिया के बीच चलती है।

    रेलवे में लंबी दूरी की ट्रेनों के कोच में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित स्टेशनों पर वाटरिंग की व्यवस्था की जाती है। रांची रेल मंडल से संबंधित ट्रेनों के लिए भी इन स्टेशनों को नामित किया गया है।

    उद्देश्य यह है कि ट्रेन के निर्धारित ठहराव के दौरान कोचों की पानी की टंकियों को भरा जा सके, ताकि अगले चरण की यात्रा में यात्रियों को परेशानी नहीं हो।लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि कई बार नामित स्टेशन से ट्रेन आगे निकलने के कुछ समय बाद ही कोच में पानी खत्म हो जाता है।

    खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह समस्या गंभीर हो जाती है। शौचालय में पानी नहीं रहने से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को होती है। पानी की तलाश में यात्रियों को दूसरे कोच तक जाना पड़ता है। कई बार एक ही कोच में पानी उपलब्ध नहीं होने से दूसरे कोच में भी भीड़ बढ़ जाती है।

    दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में भी शिकायत

    समस्या केवल रांची से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों तक सीमित नहीं है। दिल्ली की ओर से रांची आने वाली ट्रेनों में भी बीच यात्रा में कोच में पानी खत्म होने की शिकायत यात्रियों की ओर से की जाती है। 12818 आनंद विहार टर्मिनल-हटिया झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस गोमो मार्ग से रांची रेल मंडल में प्रवेश करती है। एचए-1 बोगी में ट्रेन जब मरीज पहुंचती है, तो कोच में पानी खत्म हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा के अंतिम चरण में भी यदि कोच में पानी उपलब्ध नहीं हो तो पूरी यात्रा की सुविधा प्रभावित होती है।

    रिफिलिंग के साथ निगरानी भी जरूरी

    रेलवे की ओर से कोच में पानी भरने के लिए नामित वाटरिंग स्टेशनों की व्यवस्था की गई है। ऐसे में सवाल यह है कि नामित स्टेशन पर पानी भरने के बाद अगले वाटरिंग प्वाइंट तक कोच में पानी की उपलब्धता बनी हुई है या नहीं, इसकी नियमित निगरानी कितनी प्रभावी है। ट्रेन के रवाना होने से पहले संबंधित कर्मचारियों द्वारा कोच की पानी की टंकियों की स्थिति की जांच और आवश्यकता के अनुसार रिफिलिंग सुनिश्चित की जाए तो यात्रियों को बीच सफर में इस तरह की परेशानी से बचाया जा सकता है।

    रांची रेल मंडल में इस तरह की शिकायत अमूमन देखने को नहीं मिलती है। अन्य स्टेशनों पर भी कोच में पानी भरने की व्यवस्था का ख्याल रखा जाता है। यह देखा जाता है कि निर्धारित वाटरिंग प्वाइंट पर ट्रेन पहुंचने के बाद कोचों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो और आवश्यकतानुसार रिफिलिंग की जाए। यदि किसी ट्रेन में पानी खत्म होने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित स्तर पर इसकी जांच कर व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।
    -करुणा निधि सिंह, डीआरएम, रांची रेल मंडल