रांची विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति से पीजी की पढ़ाई, स्टूडेंट्स को मिलेंगे दो विकल्प
रांची विश्वविद्यालय में नए सत्र 2025-27 से पीजी की पढ़ाई नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत शुरू होगी, जिसमें एक और दो वर्षीय पीजी के विकल्प मिलेंगे। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दिवाकर सिंह, रांची। रांची विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई नयी शिक्षा पद्धति से शुरू होने के बाद अब पीजी की पढ़ाई की तैयारी चल रही है। नये सत्र 2025-27 से पीजी की पढ़ाई दो प्रकार से होगी। इसमें पहला एक साल का और दूसरा सामान्य पीजी दो वर्ष का होगा।
इसके लिए सिलेबस भी विवि प्रशासन ने तैयार कर लिया है। वहीं एक वर्ष पीजी और दूसरे वर्ष की पीजी की सीटें भी तय कर दी गयी हैं। नामांकन प्रक्रिया भी इसी आधार पर ली जायेगी।
हालांकि रांची विवि में यूजी के एनईपी बैच का सत्र लेट है, लेकिन पीजी की पढ़ाई एनईपी के आधार पर ही होगी। इससे दूसरे राज्य के विद्यार्थी भी रांची विवि में एक वर्ष का पीजी कर सकेंगे।
तीन मोड में होगी पीजी की पढ़ाई
एनईपी के तहत पीजी के नये कोर्स में विद्यार्थियों को पीजी की पढ़ाई तीन मोड़ में करने का मौका मिल सेकेगा। इसमें पहला मोड होगा छह महीने का कोर्स वर्क और छह महीने का रिसर्च, दूसरा मोड होगा विद्यार्थी सीधे शोध कर सकेगा, उसे कोर्स वर्क करने की जरूरत नहीं होगा।
इसके बाद तीसरा मोड होगा कि विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन करेगा और शोध करेगा। इसमें कोर कोर्स (एक वर्ष), 24 क्रेडिट, (लेवल 400), प्लस 16 क्रेडिट (लेवल 500)। वहीं कोर कोर्स (दो वर्ष) 40 क्रेडिट (लेवल 500)। कोर कोर्स और शोध कार्य (छह माह)। कोर्स वर्क प्लस 20 क्रेडिट शोध और शोधकार्य (12 महीने) और 40 क्रेडिट में केवल शोधकार्य शामिल है।
वहीं इस कोर्स के अनुसार विवि ने सीटों का बंटवारा भी कर दिया है।जिसके तहत दो वर्षीय पीजी कोर्स में 50 प्रतिशत सीटें पहले वर्ष के लिए और 50 प्रतिशत सीटें दूसरे वर्ष के लिए निर्धारित की गयी हैं। रांची विवि की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
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पीजी के विद्यार्थियों को होगा फायदा
रांची विवि के पीजी रसायनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर व एनईपी एक्सपर्ट डा. नीरज बताते हैं कि एनईपी के तहत जो चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई करके आते हैं उन्हें पीजी कोर्स करने का फायदा मिलेगा, क्योंकि आने वाले समय में चार वर्षीय स्नातक और एक वर्षीय पीजी की ही पढ़ाई पूरे देश भर में होगी। जिसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को होगी।
वर्तमान में देश के कई हिस्सों में नयी शिक्षा प्रणाली के तहत पढ़ाई चल रही है। वहीं इस प्रणाली के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को देश के किसी भी कोने में आगे की पढ़ाई करने में समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही जाब मिलने में भी समस्या नहीं होगी।
वोकेशनल कोर्स में भी इस सत्र से लागू होगा एनईपी
रांची विवि में इस सत्र से पीजी वोकेशनल कोर्स में भी न्यू एजुकेशन पालिसी लागू करने की तैयारी चल रही है। जिसके लिए कुलपति डा. सरोज शर्मा ने सभी पीजी विभागों को निर्देश दिया है।
नामांकन की प्रक्रिया चल रही है और नये सत्र में विद्यार्थियों को बदला हुआ सिलेबस मिलेगा। हालांकि पीजी विभागों की ओर से वोकेशनल कोर्स से संबंधित सिलेबस की तैयारी की जा रही है।
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