रांची विश्वविद्यालय में लेट सेशन की मार: B.Ed एक साल तो नर्सिंग दो साल पीछे, अटका हजारों छात्रों का भविष्य
रांची विश्वविद्यालय में बीएड और नर्सिंग कोर्स के सत्र में भारी देरी हो रही है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है। ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
HighLights
रांची विवि में बीएड, नर्सिंग कोर्स के सत्र लेट।
बीएड 2025-27 सत्र एक साल, नर्सिंग दो साल पीछे।
हजारों छात्र करियर, भर्ती परीक्षाओं से वंचित हो रहे।
दिवाकर सिंह, रांची। रांची विश्वविद्यालय के सेशन लेट का दंश केवल रेगुलर कोर्स के विद्यार्थी ही नहीं झेल रहे हैं, बल्कि रोजगार से जुड़े कोर्स के विद्यार्थियों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसमें बीएड और नर्सिंग के कोर्स शामिल हैं, जिसकी पढ़ाई समय पर पूरी करके विद्यार्थी रोजगार पाने की कोशिश में लग जाता है। लेकिन रांची विवि का सत्र इतना लेट है कि अभी तक इन कोर्स की एक भी परीक्षा नहीं हुई है।
जिसके कारण कब परीक्षा होगी और कब रिजल्ट निकलेगा इसकी जानकारी किसी को नहीं है। बीएड का वर्तमान सत्र 2025-27 एक साल पीछे है तो नर्सिंग का 2024-26 सत्र दो साल पीछे हो चुका है। दोनों कोर्स का अभी परीक्षा फार्म भरवाया जा रहा है।
बीएड के 3000 विद्यार्थियों को पहले साल की परीक्षा का इंतजार
रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत 29 ऐसे संस्थान है जहां बीएड की पढ़ाई होती है। इसमें कुछ अंगीभूत है और बाकी संबद्ध। इन संस्थानों में लगभग 3000 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
इन विद्यार्थियों ने बीएड के 2025-27 सत्र के लिए 2025 में नामांकन लिया था। नामांकन लिए हुए एक साल से अधिक हो गया, लेकिन अभी तक इन विद्यार्थियों की एक भी परीक्षा रांची विवि की ओर से आयोजित नहीं की गयी है।
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जबकि अभी तक प्रथम वर्ष की परीक्षा अभी तक हो जानी चाहिए थी। वहीं अगर समय से सत्र का संचालन होता तो ये विद्यार्थी प्रथम वर्ष की परीक्षा दे देते और दूसरे वर्ष की परीक्षा की तैयारी करते।
बीएड का सत्र देर होने से क्या होती है परेशानी
बीएड का सत्र देर होने से विद्यार्थियों को करियर में देरी, मानसिक तनाव और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं से वंचित होने जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
समय पर फाइनल वर्ष का रिजल्ट नहीं आता, जिससे विद्यार्थी आने वाली सरकारी शिक्षक नियुक्तियों या पात्रता परीक्षाओं में आवेदन नहीं कर पाते। विलंब से नामांकन होने के कारण विश्वविद्यालयों को कम समय में ही परीक्षा और सिलेबस पूरा कराना पड़ता है, जिससे पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती।
नर्सिंग कोर्स का पूरा होता कोर्स, अभी हो रही है पहले साल की परीक्षा
वहीं, केवल बीएड ही नहीं बल्कि रोजगार से जुड़ा एक और कोर्स नर्सिंग के यूजी और पीजी कोर्स की स्थिति बीएड से भी खराब है।
पोस्ट बेसिक नर्सिंग के सत्र 2024-26 की अब तक फाइनल परीक्षा हो जानी चाहिए थी। लेकिन पांच अगस्त से इस सत्र की फर्स्ट ईयर की परीक्षा हो रही है। वहीं एमएससी नर्सिंग के एक सत्र 2024-26 की भी एक भी परीक्षा नहीं हुई है।
अब ऐसे में इन कोर्स के विद्यार्थी कब फाइनल परीक्षा देंगे और कब रोजागार की तरफ बढ़ेगे ये सबसे बड़ा सवाल है। इस संबंध में रांची विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय सिंह से संपर्क किया गया, लेकिन उनका फोन बंद था।