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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Health News: ठंड में हो जाएं सावधान ! बीपी व शुगर पर कंट्रोल नहीं होने से ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक का खतरा

    Updated: Sun, 19 Jan 2025 01:40 PM (IST)

    Health News झारखंड में इन दिनों जमकर ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने बताया है कि 19 जनवरी से मौसम का मिजाज बदल सकता है और ठंड बढ़ सकती है। मेदिनीराय मेड ...और पढ़ें

    ठंड में बीपी व सुगर के मरीज रहें सतर्क। (सांकेतिक तस्वीर)
    ठंड में बीपी व सुगर के मरीज रहें सतर्क। (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. ठंड के मौसम में जरा सी चूक बिगाड़ सकती है आपकी सेहत
    2. ठंड में बीपी के साथ शुगर बढ़ा होने पर ब्रेन हेमरेज व हार्ट अटैक का खतरा

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू): प्रदेश में इन दिनों जमकर ठंड पड़ रही है। लगातार बह रही ठंडी हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कड़कड़ाती ठंड में मरीजों के अलावा सामान्य लोगों की सेहत बिगड़ रही है। ऐसे में लोगों को अपना खास खयाल रखने की जरूरत है।

    ठंड के मौसम में जरा सी चूक से हार्ट अटैक, लकवा, सांस, हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर मुसीबतों को झेलना पड़ सकता है।

    मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मेडिसीन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आरके रंजन बताते हैं कि ठंड में बीपी के साथ शुगर बढ़ा होने पर ब्रेन हेमरेज व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दोनों का समय पर इलाज होना बेहत जरूरी है।

    उन्होंने बताया कि कुछ ब्रेन हेमरेज में सर्जरी कर देने पर मरीज की जान बच जाती है। ब्रेन हेमरेज का साइज बढ़ रहा हो, बेहोशी बढ़ती जा रही हो, इस स्थिति में न्यूरो सर्जन सर्जन ब्लड को निकाल देते हैं। यह सर्जरी अधिकांश मामलों में कारगर होती है।

    मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में मेडिसीन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आरके रंजन

    दो प्रकार का होता है ब्रेन हेमरेज

    डॉ. आरके रंजन ने बताया कि ब्रेन हेमरेज दो प्रकार का होता है। एक में ब्रेन की नस फट जाती है और एक में खून जमा होने से नस ब्लॉक हो जाती है। इसे इनफाक कहते हैं। अमूमन इसके घातक परिणाम नहीं होते हैं।

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    उन्होंने बताया कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज का इलाज कितनी देर से शुरू हुआ है। पहले छह घंटे में इसकी पहचान हो जाने से थ्रोबोलाइसिस करके खून के थक्के को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। हालांकि इसकी सुविधा यहां पर उपलब्ध नहीं है।

    बीपी व शुगर के रोगी ठंड से बचें

    डॉ. आरके रंजन ने कहा कि बीपी, दिल व शुगर के मरीज को ठंड से बचना चाहिए। डॉ. आरके रंजन ने लोगों को इन बातों पर ध्यान देने को कहा-

    • बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
    • गर्म कपड़े अच्छी तरह से पहनें।
    • ठंड में धूप का सेवन जरूर करें।
    • समुचित गर्म कपड़े पहनकर रहें।
    • नाक से पानी या छींक आ रही हो तो एंटी एलर्जी की दवा लें।
    • धूम्रपान से तौबा करें।
    • मौसमी फलों का सेवन करें।

    डॉ. आरके रंजन ने बताया कि धूम्रपान करने से हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। ठंडी हवाएं भी मुसीबत बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कहा कि कड़कड़ाती ठंड में जरा सी चूक से दिल, सांस, ब्लड प्रेशर व डायबिटीज के मरीजों की जान पर बन आती है। ठंड में खासकर बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सेहत के प्रति संजीदा रहें।

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