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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ropeway in Jharkhand: झारखंड में इन दो जगहों पर बनेगा रोपवे; एजेंसी ने दी रिपोर्ट; जल्द शुरू होगा काम

    Updated: Wed, 15 Jan 2025 01:18 PM (IST)

    झारखंड के लोगों और पर्यटकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। यहां के दो जलप्रपातों जोन्हा और हुंडरू में जल्द ही रोपवे की सुविधा शुरू होगी। यह परियोजना पर ...और पढ़ें

    झारखंड में दो जगहों पर रोपवे बनाने की तैयारी (जागरण)
    झारखंड में दो जगहों पर रोपवे बनाने की तैयारी (जागरण)

    HighLights

    1. फीजिबिलिटी रिपोर्ट पर पर्यटन विभाग ने दिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश
    2. डीपीआर तैयार होने पर ली जाएगी योजना प्राधिकृत समिति से मंजूरी

    राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand News: पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र बने झारखंड के दो जलप्रपातों जोन्हा और हुंडरू में शीघ्र ही रोपवे की भी सुविधा मिलेगी। पर्यटक जलप्रपातों की खूबसूरती के अलावा रोपवे का भी आनंद लेते हुए वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन कर सकेंगे।

    इन दोनों जगहों पर रोपवे की संभावना का अध्ययन करने वाली एजेंसी ने इसके लिए हरी झंडी प्रदान कर दी है। एजेंसी ने दोनों स्थलों को रोपवे के निर्माण के लिए अनुकूल पाया है। इस रिपोर्ट के आधार पर पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग ने दोनों जगहों पर रोपवे के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की अनुमति प्रदान कर दी है।

    5 जगहों पर हुआ अध्ययन लेकिन 2 जगह पाई गई अनुकूल

    राज्य सरकार ने पांच जगहों जोन्हा, हुंडरू, दशम, कौलेश्वरी तथा रांची पहाड़ी मंदिर में रोपवे की संभावना का अध्ययन करने की जिम्मेदारी रेल मंत्रालय के उपकरण राइट्स लिमिटेड को सौंपी थी। इस एजेंसी ने अपने अध्ययन में जोन्हा तथा हुंडरू को इसके लिए अनुकूल पाया है।

    पहाड़ी मंदिर रोपवे के लिए अनुकूल नहीं

    वहीं, दशम में जमीन की समस्या आई है। अधिसंख्य खूंटकटी जमीन होने के कारण इसके अधिग्रहण में परेशानी आ सकती है। रांची पहाड़ी मंदिर को रोपवे के लिए अनुकूल नहीं पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि रांची पहाड़ी की जमीन इतनी कसी नहीं हुई है कि वहां रोपवे का निर्माण किया जा सके।

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    अधिक भार पड़ने पर वहां की जमीन भरभरा सकती है। इधर, जोन्हा और हुंडरू में राेपवे निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स को ही दी गई है।

    इसके द्वारा तैयार की जानेवाली डीपीआर पर योजना प्राधिकृत समिति की स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद इसपर कैबिनेट की स्वीकृति भी ली जाएगी। बताते चलें कि रोपवे की संभाव्यता के अध्ययन के लिए राज्य सरकार के पर्यटन निदेशालय वे वर्ष 2023 में ही राइट्स लिमेटेड के साथ करार किया था।

    नेतरहाट के विकास के लिए शीघ्र शुरू होगा दूसरा चरण

    नेतरहाट को विश्व स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की परियोजना का दूसरा चरण शीघ्र ही शुरू होगा। पर्यटन विभाग ने इसके लिए टेंडर आमंत्रित करने की जिम्मेदारी झारखंड भवन निर्माण कारपोरेशन को सौंपी है। कारपोरेशन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।

    रोपवे क्या होता है? (What is Ropeway)

    • रोपवे एक सुरक्षित और कुशल परिवहन प्रणाली है जो पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होती है।
    • यह पर्यटकों को सुंदर दृश्यों का आनंद लेने का अवसर प्रदान करती है।
    • स्थानीय लोगों को उनके दैनिक जीवन में मदद करती है।
    • इसमें दो तरह का केबल लगा होता है, एक सपोर्ट केबल और एक पुलिंग केबल

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