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    रांची के तमाड़ में ब्रेन मलेरिया का कहर, 51 में से 17 संक्रमित; जड़ी-बूटी के भरोसे ग्रामीणों ने दवा से किया इनकार

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 09:15 AM (IST)

    रांची के तमाड़ प्रखंड के बेलबेड़ा गांव में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप है, जहां 51 में से 17 लोग संक्रमित पाए गए हैं। ग्रामीण अंग्रेजी दवा लेने से इनकार क ...और पढ़ें

    तमाड़ में ब्रेन मलेरिया का कहर ( एआई जेनरेटेड तस्वीर)

    तमाड़ में ब्रेन मलेरिया का कहर ( एआई जेनरेटेड तस्वीर)

    HighLights

    1. तमाड़ के बेलबेड़ा में 17 लोग ब्रेन मलेरिया से संक्रमित।

    2. ग्रामीण अंग्रेजी दवा के बजाय जड़ी-बूटी पर कर रहे भरोसा।

    3. स्वास्थ्य टीम को जांच और सैंपल लेने में परेशानी।

    जागरण संवाददाता, रांची। ब्रेन मलेरिया को लेकर राज्यव्यापी अलर्ट जारी होने के एक दिन बाद स्वास्थ्य विभाग ने तमाड़ प्रखंड के बेलबेड़ा गांव में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। इस दौरान पाया गया कि तमाड़ प्रखंड के बेलबेड़ा गांव में 51 लोगों की जांच की गई जिनमें से 17 लोगों में ब्रेन मलेरिया (पीएफ मलेरिया) की पुष्टि हुई है। 

    विडंबना यह है कि यहां के ग्रामीण अंग्रेजी दवा खाना नहीं चाहते, वे कहते हैं कि वे जड़ी-बूटी खाकर ठीक हो जाएंगे। इतना ही नहीं जांच करने पहुंची टीम को इनके ब्लड सैंपल लेने में काफी परेशानी उठानी पड़ी, ये खून तक की जांच नहीं करवाना चाहते हैं। ऐसे में यहां मलेरिया को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। 

    300 लोगों में 51 लोगों का ही सैंपल मिला

    गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के प्रयास के बाद इस क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया गया और करीब 300 मौजूद लोगों में से 51 लोगों का ही सैंपल लिया जा सका। इस दौरान वेक्टर जनित रोग (वीबीडी) अधिकारी और आइडीएसपी की संयुक्त टीम ने प्रभावित गांव का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। 

    जिला स्वास्थ्य समिति ने बताया कि क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और बीमारी को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    10 टोलों में 27 जून से ही घर-घर चल रहा सर्वे

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बेलबेड़ा गांव के 10 टोलों में 27 जून से ही घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य जांच और दवाओं का वितरण शुरू कर दिया गया है। जिसमें 17 लोग मलेरिया से ग्रसित मिले हैं। इनमें दो मरीजों में खतरनाक लक्षण पाए गए, जबकि 15 संक्रमितों में अभी कोई बड़े लक्षण नहीं मिले हैं। लेकिन अगर दवा नहीं खाई जाए तो यह घातक हो सकता है। 

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    अब तक 1327 लोगों की निगरानी की जा चुकी है, इनमें 25 लक्षणयुक्त और 150 लक्षणहीन मामलों की पहचान हुई है। सिविल सर्जन ने लोगों से घबराने की बजाय स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करने और बुखार या अन्य लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है।

    क्या है ब्रेन मलेरिया

    ब्रेन मलेरिया, मलेरिया का गंभीर रूप है, जो मुख्य रूप से प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी के संक्रमण से होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है और जानलेवा भी साबित हो सकता है। ब्रेन मलेरिया की पुष्टि रक्त जांच से की जाती है। 

    मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर इंजेक्शन आधारित एंटी-मलेरियल दवाएं, तरल पदार्थ और जरूरत पड़ने पर आईसीयू में उपचार दिया जाता है। डाक्टर प्रभात कुमार का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से अधिकांश मरीजों को बचाया जा सकता है।

    पहचान के प्रमुख लक्षण

    • तेज बुखार और ठंड लगना
    • लगातार सिरदर्द
    • बेहोशी या भ्रम की स्थिति
    • दौरे (फिट आना)
    • बोलने या चलने में कठिनाई
    • बार-बार उल्टी और अत्यधिक कमजोरी