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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Tender Commission Scam : टेंडर कमीशन घोटाले में अब IAS मनीष रंजन को ED का समन, 24 मई को पूछताछ के लिए बुलाया

    Updated: Wed, 22 May 2024 04:39 PM (GMT+05:30)

    Tender Commission Scam टेंडर कमीशन घोटाले में ईडी की जांच का दायरा धीरे-धीरे आगे बढ़ता जा रहा है। अब ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव आइएएस म ...और पढ़ें

    टेंडर कमीशन घोटाले में अब आइएएस मनीष रंजन को ईडी का समन
    टेंडर कमीशन घोटाले में अब आइएएस मनीष रंजन को ईडी का समन

    राज्य ब्यूरो, रांची। Tender Commission Scam : टेंडर कमीशन घोटाले में मनी लाॅन्‍ड्रिंग के तहत अनुसंधान कर रही ईडी ने अब ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव आइएएस मनीष रंजन को समन कर दिया है। मनीष रंजन वर्तमान में भू-राजस्व, सड़क व भवन निर्माण विभाग में सचिव हैं। ईडी ने उन्हें 24 मई को ईडी के रांची एयरपोर्ट रोड स्थित अंचल कार्यालय में बुलाया है। ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर कमीशन में शामिल बड़े गिरोह के खुलासे के क्रम में ही मनीष रंजन का नाम सामने आया है।

    इसी माह ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, उनके निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया है। इन सबसे जुड़े ठिकानों से ईडी ने करीब 37.5 करोड़ रुपये नकदी के अलावा भारी मात्रा में लेन-देन से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि बरामद किया था। इन सभी दस्तावेजों की छानबीन, रुपयों के बारे में आरोपितों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस कमीशन गैंग में मनीष रंजन भी शामिल थे, जिनके निर्देश पर भी टेंडर में कमीशन की वसूली हुई है।

    एम का मतलब मनीष, कहीं ये वहीं मनीष रंजन तो नहीं

    ईडी ने मंगलवार को कोर्ट में संजीव लाल व उनके नौकर जहांगीर आलम को प्रस्तुत किया था। ईडी ने कोर्ट में पेशी के वक्त जो पेपर कोर्ट में सौंपा था, उसमें ग्रामीण विकास विभाग में कमीशन के लेन-देन से संबंधित पेपर भी था। इसमें कोड में भी कुछ नाम लिखे गए थे। इनमें एक नाम एम से है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि एम का मतलब मनीष। अब मनीष कौन, कहीं मनीष रंजन तो नहीं, इसकी भी ईडी छानबीन कर रही है। इस एम नाम के व्यक्ति को टेंडर कमीशन में 4.22 करोड़ रुपये का कमीशन गया है। अगर ये वही मनीष हैं तो भविष्य में इनकी परेशानियां बढ़ सकती है।

    जेल भेजे गए हैं सजीव लाल व जहांगीर आलम

    एक दिन पहले ही मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम को ईडी ने 14 दिनों तक रिमांड पर पूछताछ के बाद जेल भेजा है। दोनों मंगलवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में प्रस्तुत किए गए थे, जहां से उन्हें कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेजा गया है।

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