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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ranchi News: रंगमंच के किराये में वृद्धि का रंगकर्मियों ने किया विरोध, आड्रे हाउस में की आपात बैठक

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Sun, 04 Dec 2022 02:06 PM (IST)

रांची के रंगकर्मियों ने आड्रे हाउस में आपात बैठक की क्‍योंकि सभागारों के किराये में वृद्धि उनके लिए चिंता का ...और पढ़ें

रंगमंच के किराये में वृद्धि का रंगकर्मियों ने किया विरोध
रंगमंच के किराये में वृद्धि का रंगकर्मियों ने किया विरोध

रांची, जासं। राजधानी के रंगकर्मियों (Theatre Artist) ने आड्रे हाउस (Audrey House) में एक आपात बैठक की। बैठक में राज्य सरकार से मांग की गई कि आड्रे हाउस को रंगकर्मियों के लिए नि:शुल्‍क उपलब्ध करवाया जाए। ताकि उनकी कला यात्रा जारी रहे। कलाकारों ने कहा कि शहर में कला भवन का नहीं होना और जो कुछ सभागार उपलब्ध हैं, उनके किराये में वृद्धि चिंता का विषय है। कलाकारों ने रांची यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट सभागार के किराये में भारी भरकम वृद्धि पर आक्रोश जताया।

किराये में भारी वृद्धि कलाकारों से मंच छीन लेने जैसा

रंगकर्मियों ने बताया कि पहले आर्यभट्ट सभागार कलाकारों को 55 हजार रुपये के किराये पर उपलब्ध कराया जाता था। अब इसका किराया बढ़ाकर 2 लाख 21 हजार रुपये कर दिया गया है। एक सभागार के किराये में इतनी भारी वृद्धि कलाकारों से मंच छीन लेने जैसा है।

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कला संस्कृति के केंद्र के रूप में विकसित हो आड्रे हाउस

कलाकारों ने मांग की है कि आड्रे हाउस को उनके कला प्रदर्शन के लिए नि:शुल्‍क उपलब्ध कराया जाए। उन्‍होंने कहा कि इसे कला संस्कृति केंद्र के रूप में विकसित करते हुए कलाकर्मियों (Artists) को समर्पित कर दिया जाए क्योंकि कला संस्कृति ही किसी भी राज्य की पहचान होती है। बता दें कि अभी आड्रे हाउस का एक दिन का किराया 10 हजार रुपये है।

कला संस्कृति की यात्रा पर लग जाएगा विराम 

इस अवसर पर एक्सपोजर नाट्य संस्था (Exposure Theater Institute) के निदेशक संजय लाल (Sanjay Lal) ने कहा कि शहर में कलाकारों की सुविधा के लिए एक भी सभागार नहीं है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र के रूप में चुना जाता है। किराया बढ़ाए जाने से कला संस्कृति की यात्रा पर ही विराम लग जाएगा। यह कला-संस्कृति के विकास के लिए नुकसानदायक होगा।

सत्ता में बैठे लोग करें पहल

डा सुशील कुमार अंकन ने कहा कि कला संस्कृति को बढ़ावा देने एवं कलाकारों को प्रोत्साहन देने की दिशा में सत्ता में बैठे लोगों को सार्थक पहल करने की जरूरत है।

बैठक में ये रहे उपस्थित

बैठक में वरिष्ठ रंगकर्मी डा कमल कुमार बोस, मिथिलेश पाठक, शिशिर पंडित, राकेश चंद्र गुप्ता, शंकर पाठक, दीपक चौधरी, फजल इमाम, कैलाश मानव, कृष्णा सारथी, संजय अम्बष्ठ, रीना सहाय, विनोद कुमार जायसवाल, अभिराज, ओमप्रकाश, सूरज खन्ना, दीपक लोहार, ऋषिकेश लाल व अन्य उपस्थित थे।

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