यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ईडी के विरुद्ध खतरनाक षडयंत्र, नक्सलियों से संपर्क साध रहे आरोपित; अफसरों पर मंडरा रहा खतरा
Jharkhand News झारखंड में ईडी ने कई बड़े मामलों में खुलासा किया है जिसमें नेता से लेकर नौकरशाह तक जांच के दायरे में आए हैं। कई धांधलेबाज ईडी से नाराज ...और पढ़ें

HighLights
- ईडी के अधिकारियों के विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी उकसाया जा रहा आरोपितों को
- जेल प्रशासन पर साजिशकर्ताओं को सहयोग करने का आरोप, सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने के प्रमाण
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में मनरेगा घोटाला, अवैध खनन घोटाला, जमीन घोटाला व शराब घोटाले की जांच कर रही ईडी के अफसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए खतरनाक साजिश रची जा रही है।
ईडी का दावा है कि इसके लिए मनी लांड्रिंग के कुछ आरोपितों ने नक्सलियों से भी साठगांठ की थी। भनक लगते ही खतरे की आशंका जताते हुए ईडी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इससे अवगत कराया है। अब केंद्र भी इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रहा है।
राज्य में ईडी ने किए कई बड़े खुलासे
राज्य में ईडी ने मनरेगा घोटाला, अवैध खनन घोटाला, जमीन घोटाला व शराब घोटाले में अनुसंधान के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं। इसमें नेता से लेकर नौकरशाह तक जांच के दायरे में हैं।
दो आइएएस अधिकारियों (निलंबित) की भी गिरफ्तारी की गई है। वहीं सत्ता के करीबियों, पावर ब्रोकर, सत्ता में धमक रखने वाले व्यवसायियों समेत अन्य की भी इन मामलों में गिरफ्तारी हुई है।
ईडी अफसरों को नुकसान पहुंचाने का षडयंत्र
इसी बीच ईडी को अपने सर्विलांस से सूचना मिली कि इन मामलों में रांची के होटवार जेल में बंद कुछ आरोपित व जेल के बाहर उनके सहयोगी नक्सलियों के साथ मिलकर ईडी अफसरों को नुकसान पहुंचाने का षडयंत्र रच रहे हैं। जेल में बंद कुछ नक्सलियों पर भी ईडी की नजर है, जिनसे पूछताछ भी हो सकती है। फिलहाल, ईडी के अधिकारियों व उनके कार्यालय की सुरक्षा कड़ी की जा रही है।
गवाहों को डराने-धमकाने की सूचना
ईडी को यह भी सूचना मिली कि जेल में बंद ईडी के सरकारी गवाहों को डराया-धमकाया जा रहा है, ताकि वह ईडी को जांच में सहयोग नहीं करें। उन्हें इस बात के लिए भी उकसाया जा रहा है कि वह ईडी के अफसरों को फंसाने के लिए उनके विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट में झूठे मुकदमे करें। इसके अलावा मनी लांड्रिंग मामले में अहम साक्ष्यों को नष्ट करने की भी कोशिश हो रही है। इन सभी कार्यों में जेल प्रशासन साजिशकर्ताओं को खुलकर मदद पहुंचा रहा है।
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ईडी की छापेमारी में जेल में लगे सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने के सबूत मिले हैं। ईडी को सूचना है कि जेल में बंद पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश व मनी लांड्रिंग केस में बंद अन्य आरोपितों को वहां दी जा रही सुविधाओं के प्रमाण छिपाने के लिए सीसीटीवी फुटेज नष्ट किए जा रहे हैं।
पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश चला रहा जेल में सिंडिकेट
ईडी को सूचना है कि अवैध खनन व जमीन घोटाला मामले में रांची जेल में बंद पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश जे के भीतर भी अपना सिंडिकेट चला रहा है। ईडी को नुकसान पहुंचाने के लिए क्या करना है, क्या नहीं करना है, इसके लिए किसे-कितने पैसे कहां पहुंचाने हैं, प्रेम प्रकाश इसकी योजना बना रहा है। जेल के भीतर भी प्रेम प्रकाश के बाहरी सहयोगियों का भी खुलेआम आना-जाना है, जिन्हें वह गवाहों को प्रभावित करने के लिए दिशा-निर्देश देता है।