यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: ...तो इसलिए विधायक दल का नेता नहीं चुन रही कांग्रेस! आलमगीर के जेल जाने के बाद से खाली है गद्दी
आलमगीर आलम के जेल जाने के बाद से कांग्रेस विधायक दल के नेता का पद खाली है। हेमंत सोरेन ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है लेकिन कांग्रेस है ...और पढ़ें

HighLights
- आलमगीर के जेल जाने के बाद से कोई नहीं बनाया गया है विधायक दल का नेता
- 2 दिनों में रांची पहुंचेंगे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, लेकिन अभी तक इसकी कहीं चर्चा नहीं
- ऐसा ही रहा तो अब अगले विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले ही चुना जाएगा नेता
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन एक बार फिर टलता दिख रहा है। चार दिनों में मानसून सत्र की शुरुआत होगी, लेकिन अभी तक इसकी कोई सुगबुगाहट नहीं है।
ऐसा ही रहा तो कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन अब अगले सत्र में ही होगा। तब तक विधानसभा चुनाव भी हो चुका रहेगा और नए लोगों के बीच से किसी एक का चुनाव होगा।
नेता चुनने से क्यों बच रही कांग्रेस?
अभी किसी को नेता चुनने से आलाकमान भी परहेज कर रहा है। इसके पीछे दो कारण है। पहला कारण यह कि किसी का भी नाम सामने आते ही विवाद शुरू होने की संभावना है और फिर तीन महीने में ही नए विधायक चुनकर आ जाएंगे, जिनके बीच से विधायक दल के नेता का चयन होगा। ऐसे में एक ही काम दो बार करने और इस बीच विवाद को जन्म देने से बचने की कोशिश की जा रही है।
इसी हफ्ते झारखंड आएंगे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी
झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का कोई नेता अभी तक नहीं है। इस सप्ताह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के आने की संभावना है, लेकिन इस दौरान विधायक दल के नेता के चुने जाने की संभावना कतई नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, विवाद से बचने के लिए ऐसा किया गया है। दूसरी ओर, नए विधानसभा के गठन के साथ ही कांग्रेस नए नेता का चुनाव कर लेगी।
जेल में बंद हैं आलमगीर आलम
गाैरतलब है कि पिछले विधानसभा में झारखंड में कांग्रेस विधायक दल के नेता के तौर पर आलमगीर आलम का चयन हुआ था। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके जेल जाने के बाद से यह पद खाली है।
पार्टी आलाकमान के निर्देश पर उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता के पद से एक साथ ही इस्तीफा दिया था। तब से ही झारखंड में कांग्रेस विधायकों का नेतृत्वकर्ता कोई नहीं रह गया है।