यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hemant Soren: हेमंत सोरेन बनेंगे झारखंड के CM? जेल से निकलते ही अटकलें तेज; बाबा शिबू ने दे दिया आशीर्वाद
रांची जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को जमानत मिल गई है। वह जेल से रिहा भी हो गए हैं। अब उनको लेकर पूरे राज्य में सियासी अटकलें तेज है। सवाल उठ रहा ...और पढ़ें

HighLights
- अब हेमंत सोरेन होंगे और आक्रामक, मौजूदगी से समर्थकों का बढ़ेगा हौसला
- लोकसभा चुनाव में ज्यादा सीटें हासिल करने के बाद बढ़ा हुआ है गठबंधन का मनोबल
- विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन दोहराने का होगा दायित्व, विपक्ष के समक्ष पेश करेंगे चुनौती
प्रदीप सिंह, रांची। Hemant Soren News राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थक अक्सर दोहराते हैं - हेमंत है तो हिम्मत है। ईडी की कार्रवाई के दौरान हेमंत सोरेन के तल्ख तेवर देखते ही बन रहे थे। समन के लिए ईडी दफ्तर जाने से लेकर गिरफ्तारी के दिन तक वे कभी निराश-हताश नजर नहीं आए। सरकार पर संकट के दौरान भी उन्होंने धैर्य बनाए रखने के साथ-साथ सत्ता बचाने में भी कामयाबी पाई।
शुक्रवार को उनकी जमानत पर रिहाई और उसके बाद की गतिविधियां इस ओर इशारे कर रही है कि हेमंत सोरेन और अधिक आक्रामक होंगे। जेल जाने के पहले और जमानत पर रिहाई के बाद का उनका लुक भी बदला हुआ है। समर्थक उनमें झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन की छवि देख रहे हैं।
हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद विपक्षी खेमे की तरफ से ढेरों अटकलें लगाई गई थी। परिवार में बिखराव से लेकर सरकार तक पर संकट की बात कही जाने लगी, लेकिन समय के साथ सबकुछ सामान्य हो गया। लोकसभा चुनाव में हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति में गठबंधन ने बेहतर परिणाम दिया। झामुमो के हिस्से में तीन और कांग्रेस के खाते में दो लोकसभा सीटें आई।
आश्चर्यजनक तौर पर राज्य की सभी पांच आदिवासी सुरक्षित सीटों पर गठबंधन काबिज हो गया। जेल से बाहर आने के बाद हेमंत सोरेन विपक्ष पर और हमलावर होंगे। उनकी मौजूदगी से समर्थकों का हौसला बढ़ना स्वाभाविक है। विधानसभा चुनाव सिर पर है और ऐसे में हेमंत सोरेन पर फिर से सत्ता में वापसी की चुनौती होगी।
खबरें और भी
नेतृत्व बदलने के आसार नहीं, लगेंगे विधानसभा चुनाव की तैयारी में
हेमंत सोरेन की जमानत पर रिहाई के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा आरंभ हो गई है। झामुमो के वरीय नेताओं के मुताबिक सबकुछ पूर्व की भांति चलता रहेगा। फिलहाल नेतृत्व बदलने के आसार नहीं है। चंपई सोरेन कुशलता और पूरी विश्वसनीयता के साथ सरकार चला रहे हैं।
हेमंत सोरेन का अगला लक्ष्य विधानसभा चुनाव होगा। समय काफी कम है। इसे ध्यान में रखते हुए वे रणनीति तैयार करेंगे। हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने बखूबी कामकाज संभाला।
लोकसभा चुनाव में उन्होंने लगातार प्रचार अभियान चलाया। उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। गांडेय विधानसभा उपचुनाव से निर्वाचित होकर उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल को भी प्रमाणित किया है। विधानसभा के मानसून सत्र हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ दिखेंगे।
बाबा का लिया आशीर्वाद, पत्नी-मां ने उतारी आरती
हाई कोर्ट का निर्देश आने के बाद आनन-फानन में सारी अदालती कार्रवाई शुक्रवार को पूरी की गई। हेमंत सोरेन के छोटे भाई राज्य सरकार के मंत्री बसंत सोरेन ने इस दौरान पूरी सक्रियता दिखाई। वे अधिकारियों के साथ न्यायालय पहुंचे और औपचारिकताएं पूरी की।
कल्पना सोरेन समेत पूरा कुनबा उन्हें लेने होटवार जेल पहुंचा। सफेद कुर्ता-पायजामा में बाहर निकले हेमंत सोरेन ने वहां जुटे समर्थकों का अभिवादन किया। वे झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन का आशीर्वाद लेने पहुंचे। पूरा परिवार उन्हें अपने बीच पाकर प्रसन्नता से सराबोर दिखा। पत्नी ने भी आरती उतारी और माथे पर तिलक लगाया।