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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Election 2024: यशस्विनी सहाय ने इस लोकसभा सीट से दाखिल किया नामांकन, बोलीं- मैं झारखंड की बेटी हूं

    Updated: Mon, 06 May 2024 11:42 PM (IST)

    कांग्रेस की प्रत्याशी यशस्विनी सहाय ने सोमवार को रांची लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और इसके बाद जनसभा भी आयोजित की। उन्होंने लोगों को सं ...और पढ़ें

    यशस्विनी सहाय ने रांची लोकसभा सीट से दाखिल किया नामांकन
    यशस्विनी सहाय ने रांची लोकसभा सीट से दाखिल किया नामांकन

    HighLights

    1. नामांकन के बाद प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने वर्तमान सांसद को पराया करार दिया
    2. आईएनडीआईए को जिताएं, बाहरी को हरियाणा, बिहार और यूपी भेजिए : मीर
    3. भाजपा मुद्दों पर बात नहीं करती, पापा की पूछिए तो फूफा की बात करती है : ठाकुर

    राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Lok Sabha Election 2024: रांची लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी यशस्विनी सहाय ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और इसके बाद आयोजित जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे कोई कुछ बोले, आप जान लीजिए कि मैं झारखंड की खतियानी हूं। मेरे परिवार के सदस्य भी झारखंड के ही रहनेवाले हैं।

    इस दौरान कांग्रेस के अधिसंख्य वक्ताओं ने भाजपा उम्मीदवार के बाहरी होने और कांग्रेस उम्मीदवार के स्थानीय होने पर फोकस किया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने तो जनता से यह तक अपील कर डाली कि बाहरी उम्मीदवारों को हरियाणा, यूपी और बिहार भेजिए।

    इन्होंने जनसभा को किया संबोधित

    इस दौरान मंच से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय और अन्य कई नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया।

    मोरहाबादी स्थित बापू प्रतिमा के निकट जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने जनता से झारखंड की सभी 14 सीटों पर आईएनडीआईए गठबंधन के उम्मीदवारों को जिताने की अपील करते हुए कहा कि पहले दो चरण में जिन 184 सीटों पर चुनाव हुआ उनमें से 125 सीटें इस गठबंधन के हाथ में आ रही हैं।

    झारखंड क्रांति लाएगा- मीर

    मीर ने कहा कि झारखंड क्रांति लेकर आएगा और कहा कि यशस्विनी को परिवारवाद के कारण सीट नहीं मिली है, बल्कि इनकी ऊर्जा और देश-राज्य को रास्ता दिखाने के लिए दी गई है। यह मुस्लिम, सरना, कायस्थ परस्त नहीं हैं, बल्कि सभी का इन्हें समर्थन है।

    खबरें और भी

    संविधान बचाने के लिए कांग्रेस को वोट दें : राजेश ठाकुर

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। पूरे देश में ऐसी स्थिति हो गई है कि सभी जाति एक दूसरे को शक की निगाहों से देख रही है। भाजपा मुद्दों पर बात नहीं करती। इनसे बाप की बात करिए तो फूफा की बात करने लगते हैं और फूफा के बारे में पूछिए तो मामा की कहानी शुरू कर देते हैं। बेरोजगारी, महंगाई, वादाखिलाफी पर भाजपा कुछ बोल ही नहीं रही है।

    केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकना जरूरी : आलम

    कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि केंद्र की सरकार को उखाड़ फेंकना अब जरूरी हो गया है। संविधान ने हमें वोट देने का अधिकार दिया है। इस अधिकार से उन सरकारों को हम उखाड़ फेंक सकते हैं जो सरकार काम नहीं कर रही है। पिछले 10 वर्षों से सभी को धोखा मिला है। भाजपा ने दो करोड़ हर साल रोजगार की बात की लेकिन 10 साल में एक करोड़ को भी रोजगार नहीं मिला।

    मोदी की घंटी बज चुकी है : सुबोधकांत

    पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने अपने जोशपूर्ण संबोधन में कहा कि मोदी सरकार की घंटी बज चुकी है। 2024 में इसका न्याय होगा। राहुल गांधी के पैदल मार्च से लोग जाग गये हैं। 2024 में सैकड़ों वादे किये गये और फिर कह दिया गया कि यह जुमला है। अब मोदी जुमला की गारंटी लेते हैं।

    संविधान बदलने की साजिश हो रही है। लोग अपने अंदर मन बनाएं और गुस्सा पैदा करें। उन्होंने कहा कि चार दशक तक वे सभी के सुबोध भैया रहे हैं। किसी से भेदभाव नहीं किया। उनकी बेटी को पार्टी व सोनिया गांधी ने प्रत्याशी बनाया है। यह अन्याय व गलत चीज बर्दाश्त नहीं करती है। यह बेटी-बहन व पहरेदार के रूप में काम करेगी।

    मेरा पूरा परिवार खातियानी : यशस्विनी

    रांची लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी यशस्विनी सहाय ने कहा कि वह और उनका परिवार झारखंड के ही हैं। किसी और प्रदेश से यहां पर राजनीति करने नहीं आए हैं। पढ़ाई-लिखाई राज्य से बाहर और देश से बाहर जरूर हुई, लेकिन वह झारखंड की बेटी हैं।

    लोगों की परेशानियों का समाधान के लिए वकालत शुरू की और अब राजनीति के जरिए लोगों की मदद करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह वोट नहीं मांग रही हैं, बल्कि सेवा करने के लिए एक मौका मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन से केंद्र सरकार डरी हुई है। इसी का नतीजा है कि झारखंड में हेमंत सोरेन और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल पर कार्रवाई की गई।

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