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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Crime: IDBI के मैनेजर ने ठगे 35 लाख रुपये, FIR दर्ज; ऐसे हुआ मामले का खुलासा

    Updated: Mon, 20 May 2024 02:54 PM (IST)

    Sahebganj Crime News साहिबगंज में आइडीबीआइ शाखा प्रबंधक पर ठगी को लेकर मामला दर्ज कराया गया है। शाखा प्रबंधक पर 35 लाख रुपये ठगने का आरोप है। इस लेकर ...और पढ़ें

    Jharkhand Crime: IDBI के मैनेजर ने ठगे 35 लाख रुपये, FIR दर्ज; ऐसे हुआ मामले का खुलासा
    Jharkhand Crime: IDBI के मैनेजर ने ठगे 35 लाख रुपये, FIR दर्ज; ऐसे हुआ मामले का खुलासा

    HighLights

    1. ओझा टोली में रहने वाले पवन ने पीरपैंती थाने में दर्ज कराया मामला
    2. पेट्रोल पंप के नाम पर अभिषेक व उसके भाई आलोक ने ठगी राशि

    जागरण संवाददाता, साहिबगंज। आइडीबीआइ की साहिबगंज शाखा के प्रबंधक अभिषेक कुमार व उसके भाई आलोक कुमार ने मिल कर ओझा टोली में रहने वाले पवन कुमार से 35 लाख रुपये ठग लिए। पवन कुमार ने पीरपैंती थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। हालांकि, अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।

    पवन कुमार मूलत: बिहार के कटिहार जिले के कटिहार थाना क्षेत्र के ललियाही गांव के रहने वाले हैं। विगत कुछ साल से ओझा टोली में रहते हैं।

    मामले को लेकर पीड़ित ने क्या कहा

    उन्होंने बताया कि आइडीबीआइ में खाता होने की वजह से बैंक में उनका जाना आना था। इस वजह से उनकी जान पहचान शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार से हुई। वह मूल रूप से नालंदा जिले के बिहारशरीफ थाना क्षेत्र के खन्दकपर गांव के रहने वाले हैं।

    पवन कुमार ने बताया कि अभिषेक ने उन्हें एक दिन बताया कि उनका भाई आलोक कुमार का पीरपैंती के पकड़िया में गांव के पास केके फ्यूल्स नामक पेट्रोल पंप है। वह उसे बेचना चाहता है। कीमत 47 लाख रुपया बताई। पवन उसे खरीदने के लिए तैयार हो गया। पैसा कम होने पर अभिषेक ने 10 लाख का लोन भी दिला दिया। इसके बाद उन्होंने 35 लाख रुपये उसे दे दिया, लेकिन लाइसेंस ट्रांसफर नहीं हुआ।

    पीरपैंती थाने में मामला दर्ज

    उन्होंने बताया कि इसके बाद भी वह शेष पैसे की मांग करता रहा। इसके बाद उसे शक हुआ। उसने जांच पड़ताल की तो पता चला कि अमित कुमार के नाम से पेट्रोल पंप का कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र जिलाधिकारी की ओर से निर्गत नहीं किया गया है। गलत तरीके से पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा था।

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    इसके बाद उसने आलोक को लीगल नोटिस भेजा, लेकिन उसका कोई जवाब उन्होंने नहीं दिया। बाद में उसके साथ गाली गलौज की तथा धमकी भी दी। इसके बाद उसने पीरपैंती थाने में मामला दर्ज कराया।

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