Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    झारखंड में आधार कार्ड घोटाला में बड़ी कार्रवाई... साहिबगंज- पाकुड़ के 621 सीएचसी की आइडी बंद

    By Pranesh Kumar Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Wed, 07 Jan 2026 07:12 AM (IST)

    Jharkhand Aadhaar Scam: झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में आधार कार्ड निर्माण में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अनुमानित जनसंख्या से अधिक आधार ...और पढ़ें

    साहिबगंज आधार निर्माण घोटाला। (प्रतीकात्मक फोटो)

    साहिबगंज आधार निर्माण घोटाला। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ में आधार कार्ड निर्माण में गड़बड़ी।

    2. साहिबगंज के 292 तो पाकुड़ के 329 सीएचसी की आइडी बंद।

    3. आबादी से अधिक लोगों का बना है आधार कार्ड।

    जागरण संवाददाता, साहिबगंज। Aadhaar Scam: झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ जिले में आधार कार्ड निर्माण में गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। दोनों जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या है। गलत तरीके से बांग्लादेशी भी आधार कार्ड बनवा कर भारत में रहते हैं। 

    नियम-कानून का उल्लंघन करने पर साहिबगंज के 292 तो पाकुड़ के 329 सीएचसी (कामन सर्विस सेंटर) की आइडी बंद कर दी गई है। इससे जिले में हड़कंप मच गया है। कुछ अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं। ऐसे में जल्द ही उनपर भी कार्रवाई हो सकती है।

    10 अक्टूबर 2025 को सोतीचौकी पांगड़ो में स्थित माेनू कुमार चौधरी के ग्राहक सेवा केंद्र में फर्जी तरीके से आधार बनाने का मामला सामने आया था। इसके बाद मोनू कुमार चौधरी और वहां काम कर रहे राजदेव उरांव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

    मामले की जांच के लिए 16 अक्टूबर को रांची व दिल्ली से टीम आयी थी। टीम ने दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। हालांकि, टीम ने अब तक जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को नहीं सौंपी है।

    उपायुक्त द्वारा इस संबंध में दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। अब तीसरी बार रिमाइंडर भेजने की तैयारी है। इसी बीच सीएचसी की 292 आइडी बंद कर दी गई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर इन सभी को बंद किया गया है।

    खबरें और भी

    सूत्रों की मानें तो इसमें कुछ विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। इसी वजह से रिपोर्ट को जान बूझकर लटकाया जा रहा है।

    22 लोगों के आधार बनाने के मिले थे सबूत

    सोतीचौकी पांगड़ो से पकड़े गए दो युवकों के पास से बरामद लैपटाप की जांच पड़ताल के दौरान उसमें साम की आइडी मिली जिसके माध्यम से मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर आधार बनाया जा रहा था।

    छानबीन के दौरान बैकडेट में 22 लोगों के आधार बनाने के सबूत मिले थे। इसके बाद बरामद आधार को छानबीन के लिए यूआइडी के राज्य मुख्यालय भेजने का निर्देश उपायुक्त ने यूआइडी पदाधिकारी को दिया था।

    क्या है मामला

    घुसपैठ प्रभावित साहिबगंज-पाकुड़ सहित राज्य के पांच जिलों में अनुमानित जनसंख्या से अधिक लोगों का आधार बन गया है। अक्टूबर 2024 तक साहिबगंज जिले की अनुमानित आबादी 13 लाख 92 हजार 393 थी लेकिन यहां 14 लाख 53 हजार 634 लोगों का आधार बन चुका था।

    इसी तरह पाकुड़ की कुल आबादी 10 लाख 89 हजार 673 है जबकि यहां 11 लाख 36 हजार 959 लोगों का आधार बन चुका था। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन के कान खड़े हुए।

    उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि बाहर की आइडी से बड़ी संख्या में आधार बन रहे हैं। इसके बाद आधार केंद्रों पर प्रशासन ने नजर रखनी शुरू की। इसी क्रम में दोनों युवक पकड़े गए।

    फिलहाल दोनों युवक जेल में बंद हैं। उधर, पाकुड़ में भी 329 आइडी बंद की गई है। साहिबगंज में फिलहाल करीब 350 आइडी एक्टिव हैं।