यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maiya Samman Yojana: नहीं मिल रहे 2500 रुपये, मंईयां सम्मान योजना में आई दिक्कत; क्या करेंगे हेमंत?
झारखंड के साहिबगंज जिले की मदनशाही पंचायत के कबूतरखोपी गांव की दर्जनों महिलाएं मंईयां सम्मान योजना के लाभ से वंचित हैं। इन महिलाओं ने कई बार प्रखंड का ...और पढ़ें

HighLights
- मंईयां सम्मान योजना की राशि के लिए भटक रहीं महिलाएं।
- महिलाएं बोलीं, 6 महीने से एक बार भी नहीं आई किस्त
- महिलाओं ने कहा, जब लाभ नहीं देना तो बंद कर दें स्कीम
कई महीनों से लगा रहे चक्कर
मिनती देवी, किरण देवी व बबली देवी ने बताया कि बीते कई माह से प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है। कबूतरखोपी से बोरियो प्रखंड आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पैसा भी खर्च होता है।
मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं करने पर बीडीओ ने लगाई फटकार
गोड्डा के प्रखंड सभागार में सोमवार को बीडीओ सह सीओ अभिनव कुमार ने दो अलग-अलग बैठक की। पहली बैठक मुखिया, पंचायत सचिव व आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ की। इसमें मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन के प्रगति कार्य पर विस्तार से चर्चा की। सत्यापन का कार्य अब तक शत प्रतिशत पूरा नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया।
इसे लेकर और अतिरिक्त तीन दिन का समय दिया गया। साथ ही किसी भी परिस्थिति में यहां की बेटी जो ब्याह कर ससुराल चली गई है। उसका सत्यापन नहीं करने की नसीहत दी। साथ ही पंचायत सचिव को हीं आवश्यक दस्तावेज में राशन कार्ड, वोटर आई कार्ड, आधार कार्ड और निवासी प्रमाण पत्र के रूप में मुखिया और ग्राम प्रधान से अनुशंसित पत्र के साथ हीं सत्यापन करने का निर्देश दिया।
इसमें आंगनबाड़ी सेविका और मुखिया से केवल सहयोग लेने की बात कही। आंगनबाड़ी सेविका द्वारा सत्यापन के नाम पर लाभार्थियों से अपने पास दस्तावेज जमा लेने की शिकायत पर कहा कि सेविका के पास दस्तावेज जमा नहीं करना है। बल्कि प्रपत्र पर सेविका से पहचान कराने के उपरांत हर हाल में पंचायत सचिव से ही सत्यापन करने का निर्देश दिया।
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सेविका के पास दस्तावेज जमा कराने वाले पंचायत सचिव को कडी फटकार लगाते हुए अपनी कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया। कहा कि हर हाल में पंचायत सचिव को ही मंईया सम्मान योजना के लाभार्थी का सत्यापन करना है। दूसरी बैठक मुखिया और पंचायत सचिव के साथ की।