यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: अस्पताल में खराब हो गई लाखों की दवा, कमरा खुलने पर सामने आई सच्चाई
बरहड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को गर्भवती महिलाओं को निश्शुल्क दी जाने वाली लाखों रुपये की दवा एक्सपायर हो गई और दो दिन पहले आसपास के लोगों को इस ...और पढ़ें

HighLights
- गर्भवती महिलाओं के बीच होना था निश्शुल्क वितरण
- पांच साल से अधिक पुराना मामला
संवाद सहयोगी, बरहड़वा (साहिबगंज)। बरहड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को गर्भवती महिलाओं के बीच निश्शुल्क वितरण के लिए दी गई लाखों रुपये की दवा एक्सपायर हो गई है।
मामला पांच साल से अधिक पुराना है लेकिन दो दिन पहले आसपास के लोगों को इसकी सूचना मिली। इसका वीडियो व फोटो भी इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
यह दवा सीएचसी परिसर में निर्माणाधीन भवन के एक कमरे में रखी हुई है। दवा वहां कैसे पहुंची यह बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। दो दिन पूर्व वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों ने आसपास के लोगों को इसकी तस्वीर व वीडियो उपलब्ध कराई जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
पिछले साल सीएचसी के रिकार्ड रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी जिसमें कई आवश्यक कागजात जल गए थे। मामले की जांच के लिए कमेटी का भी गठन किया गया लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई और न ही किसी पर कोई कार्रवाई हुई।
2008 से चल रहा भवन निर्माण
बरहड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में 2008 से भवन निर्माण का काम चल रहा है। अब यह पूरा होने पर है। इसी भवन के एक कमरे में सीएचसी का स्टोर है। उसी के बगल में स्थित कमरे में काफी मात्रा में एक्सपायरी दवा रखी हुई है।
इनमें आयरन एंड फोलिक एसिड टेबलेट आइपी सौ एमजी 0. 5 एमजी, फेरस सल्फेड एंड फोलिक एसिड टेबलेट, फेरस सल्फेड एंड फोलिक एसिड सिरफ, आयरन एंड फोलिक एसिड सिरफ, हरतिका चूर्ण, ग्लूकोज, निरोध आदि है। सभी दवाएं 2016 से 2019 के बीच निर्मित हैं और एक्सपायर भी हो चुकी हैं।
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बरहड़वा सीएचसी और विवाद का चोली-दामन का संबंध
गौरतलब हो कि बरहड़वा सीएचसी और विवाद का चोली-दामन का संबंध है। चिकित्सकों के ड्यूटी न करने और मरीजों को दवा न मिलने की शिकायत यहां आम है।
पिछले साल शिकायतों की वजह से तत्कालीन डीसी रामनिवास यादव ने वहां की एमओआइसी डॉ. सरिता टुडू को हटा दिया था। इसके बाद डॉ. पीके संतालिया को प्रभारी बनाया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही 25 अक्टूबर 2023 को सीएचसी के रिकॉर्ड रूम में आग लग गई थी।
एसडीओ ने किया था सीएचसी का निरीक्षण
गत तीन अप्रैल को एसडीओ कपिल कुमार ने बरहड़वा सीएचसी के निरीक्षण के क्रम में दवा स्टाक और वितरण की जानकारी ली तो स्वास्थ्य कर्मियों की जबाव से असंतुष्ट नजर आए।
इसके बाद एसडीओ ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का नाम सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है।
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