साहिबगंज में अब महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, शुरू हुआ मोतीपालन का काम; 10 किसानों को मिले 500 सीप
साहिबगंज में किसानों की आय बढ़ाने के लिए मत्स्य विभाग ने मोतीपालन की शुरुआत की है। पहले चरण में 10 महिला किसानों को 500 सीप दिए गए हैं। ...और पढ़ें
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मोतीपालन से बदलेगी किसानों की आर्थिक दशा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शिवशंकर कुमार, साहिबगंज। जिले के किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अब मोतीपालन की शुरूआत की गयी है। मत्स्य विभाग किसानों को मोतीपालन का गुर सीखा रहा है।
प्रथम चरम में तालझारी प्रखंड की भतभंगा संताली पंचायत के सहराजढाब गांव की दस महिला किसानों को योजना से जोड़ा गया है। प्रत्येक किसान को 500 सीप दिया गया है। सभी किसान अपने अपने निजी तालाब में उसका पालन कर रहे हैं।
यह आठ से 12 माह में तैयार हो जाता है। समय पूर्ण होने पर सीप को बाहर निकाल लिया जाएगा। बाजार में एक सीप की कीमत 200 से 500 रुपया मिल जाती है। रांची के एक प्रशिक्षक ने यहां आकर इसके पालन का तरीका सिखाया। किसान इसे लेकर काफी उत्साहित हैं।
दूसरे चरण में अधिक किसानों को जोड़ने की योजना
पहले चरण में मात्र 10 किसान का चयन इसके लिए किया गया है। परिणाम बेहतर मिले तो अगली बार से अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। किसानों को प्रशिक्षण के लिए भुवनेश्वर सीआइएफए सेंटर भेजा जा सकता है। प्रशिक्षण के लिए विभाग से राशि की मांग की जाएगी।
इस तरह को मोतीपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान को मोती पालन को आय दोगुनी बढ़ जाएगी। किसान अन्य किसान को भी प्रशिक्षण देकर मोती पालन करने का गुर सिखाएंगे।
महिलाओं लाभुकों की सूची
श्रीदेवी तिग्गा, रेमोली किस्पोट्टा, कल्याण तिर्की, फुलो तिर्की, रानी उरांव, सोमाय हेम्ब्रम, रेखा टोप्पो, रेखा एक्का, सरिता किस्पोट्टा व सुमी लकड़ा शामिल हैं।
मत्स्य विभाग की पहल पर पहली बार मोतीपालन का काम कर रही हूं। इसे लेकर काफी उत्साह है। रांची के एक प्रशिक्षक ने मोतीपालन का तरीका सिखाया। विभाग की ओर से मोतीपालन का सारा मेटेरियल उपलब्ध कराया गया है। यदि इससे अच्छा मुनाफा हो जाता है तो आगे और व्यापक पैमाने पर किया जाएगा।
श्रीदेवी तिग्गा, लाभुक महिला
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रांची के प्रशिक्षक के अनुसार खेती कर रहे हैं। सीप के अंदर न्यूक्लियस को सावधानी से सेनेटाइज कर रखा गया है। एक सीप में दो न्यूक्लियस को रखा गया है। पूरी एहतियात के साथ पालन किया जा रहा है। एक बैग में दोनों तरफ खाम है उसी में सीप को रखा गया है। दो से चार दिन के बाद देखा जाता है कि सारा सीप जिंदा है या नहीं। अच्छा लग रहा है।
फुलो तिर्की, महिला किसान
पर्ल फार्मिंग का अच्छा क्रेज किसानों में चल रह है। किसान काफी उत्सुक होकर मोतीपालन के तरीके को सीख भी रहे है और कर रहे हैं। मोती की बाजार में अच्छी मांग है। एक मोती की कीमत 200 से 500 रुपया तक दाम मिल सकती है। मोती की माला बनती है। साड़ी में भी लगाया जाता है। इससे आभूषण भी बनता है। बाजार में काफी डिमांड है। प्रथम चरण में दस महिला किसानों से मोती पालन कराया जा रहा है। अगर यह सफल रहा तो अगली बार अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाएगा।
वीरेंद्र कुमार बिन्हा, मत्स्य पदाधिकारी, साहिबगंज