साहिबगंज के दुखियाटोला में धूमधाम से मना सरहुल पर्व, निकली भव्य शोभायात्रा
Sarhul Festival Celebrated in Dukhiatola: साहिबगंज के बड़हरवा प्रखंड स्थित दुखियाटोला (मयूरकोला) गांव में शनिवार को सरहुल पर्व धूमधाम से मनाया गया। अख ...और पढ़ें

साहिबगंज के दुखियाटोला में सरहुल की शोभा यात्रा में शामिल लोग।
HighLights
दुखियाटोला, साहिबगंज में सरहुल पर्व धूमधाम से मना।
अखिल भारतीय विकास परिषद ने भव्य शोभायात्रा निकाली।
प्रकृति पूजा का प्रतीक यह पर्व भाईचारा बढ़ाता है।
संवाद सहयोगी, जागरण, कोटालपोखर (साहिबगंज)। बड़हरवा प्रखंड के दुखियाटोला (मयूरकोला) गांव में शनिवार को धूमधाम के साथ सरहुल पर्व मनाया गया। सरहुल पर्व के अवसर पर अखिल भारतीय विकास परिषद सह सरना कमेटी दुखिया टोला मयूरकोला की ओर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई।
सर्वप्रथम दुखियाटोला स्थित सरना स्थल में परंपरागत तरीके से अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद शरणस्थल से गाजे बाजे के साथ सरहुल की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दुखियाटोला से निकल कर ढाटापाडा गांव का भ्रमण कर बरहड़वा - पाकुड़ मुख्य मार्ग से मयूरकोला गांव स्थित शिव मंदिर परिसर पहुंची जहां सरना झंडा को स्थापित किया गया।
इसके बाद मयूरकोला गांव का भ्रमण करते हुए करते हुए दुखिया टोला पहुंच समापन किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे - धजे युवक व युवतियां एवं बुजुर्गो ने एकजुट होकर आदिवासी पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक पेश किया।
सरहुल पर्व प्रकृति की पूजा का प्रतीक
समाज के वरिष्ठ नागरिक खगेंद्र उरांव ने बताया कि सरहुल पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक है, जिसमें पेड़-पौधों और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। यह पर्व आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश देता है। शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते लोगों ने जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया और उत्सव में भागीदारी निभाई।
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पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया था। इस मौके पर जगरनाथ किस्पोट्टा, विरेन्द्र उरांव, खगेंद्र उरांव, सुनील उरांव, संजय किस्पोट्टा, राजकुमार पन्ना, फुलकुमारी उरांव आदि थे।