झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, राजखरसावां हुआ आधुनिक सुविधाओं से लैस
राजखरसावां रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। रेल मंत्री ...और पढ़ें

राजखरसावां रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो
HighLights
राजखरसावां स्टेशन का अमृत भारत योजना में पुनर्विकास।
आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस होगा यह रेलवे स्टेशन।
झारखंड के 57 स्टेशन योजना में शामिल, 15 पूरे।
संवाद सूत्र, खरसावां। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के राजखरसावां रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने के लिए विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में सांसद कालीचरण मुंडा के अतारांकित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि राजखरसावां स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास के लिए चिह्नित किया गया है।
स्टेशन पर नए भवन, प्रतीक्षालय, शौचालय, पार्किंग, परिसंचारी क्षेत्र, पहुंच मार्ग, प्लेटफॉर्म विस्तार, प्लेटफॉर्म सतह सुधार, 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल, लिफ्ट, एस्केलेटर, सौंदर्यीकरण और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से किया जा रहा लैस
सांसद कालीचरण मुंडा ने लोकसभा में पूछा था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2023 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजखरसावां रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी।
उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन भवन के पुनर्निर्माण, सभी प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने, आवाजाही क्षेत्र विकसित करने, विशाल स्मारकीय ध्वज, हरित क्षेत्र और प्रतिमा स्थल जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई थी।
इसके जवाब में रेल मंत्रालय ने बताया कि राजखरसावां स्टेशन पर विकास कार्य जारी हैं। रेलवे के अनुसार स्टेशन पर पहले से उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, बैठने की सुविधा और ऊपरी पैदल पुल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुनर्विकास के बाद यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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झारखंड के 57 स्टेशनों का होगा कायाकल्प
झारखंड के 57 स्टेशन अमृत भारत योजना में शामिल रेल मंत्रालय ने बताया कि देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1340 रेलवे स्टेशनों को विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें झारखंड के 57 स्टेशन शामिल हैं।
इनमें राजखरसावां के अलावा बालसिरिंग, बानो, बड़ाजमदा जंक्शन, बरकाकाना, बासुकीनाथ, भागा, बोकारो स्टील सिटी, चाईबासा, चक्रधरपुर, चाण्डिल, चंद्रपुर, डालटनगंज, डांगोवापोसी, देवघर, धनबाद, दुमका, गामहारीया, गंगाघाट, गढ़वा रोड, गढ़वा टाउन, घाटशिला, गिरिडीह, गोड्डा, गोविंदपुर रोड, हैदर नगर, हटिया, हजारीबाग रोड, जामताड़ा, जपला, जसीडीह जंक्शन, कतरासगढ़, कोडरमा जंक्शन, कुमारधुबी, लातेहार, मोहरदगा, मधुपुर जंक्शन, मनोहरपुर, मोहमदगंज, मूरी जंक्शन, एनएससीबी जंक्शन गोमोह, नगर ऊंटारी, नामकोम, ओरगा, पाकुड़, पारसनाथ, पिस्का, राजखरसावां, राजमहल, रामगढ़ कैंट, रांची जं., साहिबगंज, शंकरपुर, सिल्ली, सीनी, टाटानगर, टाटीसिलवे और विद्यासागर स्टेशन शामिल हैं। इनमें से झारखंड में अब तक अमृत भारत योजना के तहत 15 स्टेशनों का विकास कार्य पूरा किया जा चुका है।
इनमें चाईबासा, चांडिल, गिरिडीह, गोड्डा, गोविंदपुर रोड, कतरासगढ़, लोहरदगा, मधुपुर जंक्शन, मुरी जंक्शन, पाकुड़, पिस्का, राजमहल, रामगढ़ कैंट, साहिबगंज और शंकरपुर स्टेशन शामिल हैं।
कुल 1199 करोड़ रुपये का प्रावधान
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों का विकास एक सतत प्रक्रिया है और काम की प्राथमिकता, स्टेशन की स्थिति, यात्री संख्या तथा उपलब्ध धनराशि के आधार पर योजनाओं को आगे बढ़ाया जाता है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास कार्यों का वित्त पोषण योजना शीर्ष-53 (ग्राहक सुविधाएं) के तहत किया जाता है। झारखंड दक्षिण पूर्व रेलवे, पूर्व रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है।
वित्त वर्ष 2026-27 में इन जोनों के लिए कुल 1199 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें जून 2026 तक 526 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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