सरायकेला में अब आंधी-तूफान में भी नहीं जाएगी बिजली, RDSS योजना के तहत केबलिंग का काम शुरू
झारखंड के सरायकेला में बिजली कटौती की समस्या को दूर करने के लिए पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत केबलिंग का कार्य शुरू हो गया है। इससे आंधी ...और पढ़ें

सरायकेला में केबलिंग का काम शरू। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, सरायकेला। झारखंड के सरायकेला जिले में 1 लाख 25 हजार उपभोक्ता झारखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही बिजली का उपयोग कर रहे हैं। जिले में 108 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जो जिले को मिल रही है।
सरायकेला की बात करें तो सरायकेला को 11-12 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जो पूरी हो रही है। इसके बावजूद गर्मी के दिनों में बिजली कट से लोग परेशान हैं, लेकिन अब सरायकेला मुख्यालय में रहने वाले करीब 50 हजार की आबादी को बिजली विभाग राहत देने के काम में लगी है।
पुनर्गठित वितरण क्षेत्र (आरडीएसएस) योजना के तहत सरायकेला मुख्यालय में केबलिंग का कार्य शुरु कर दिया गया है। जिसके तहत पोल पर झूलते तारों के स्थान पर केबुल लगाया जा रहा है, जो बरसात व आंधी तूफान के दिनों में अपनी जगह से टस से मस नहीं होंगे और सरायकेला वासियों को निरंतर बिजली मिलती रहेगी।
हवा चलने व बरसात के दिनों में अक्सर बिजली के तार टूट जाते थे जिससे बिजली कट कर उसकी मरम्मत करनी पड़ती थी। कभी कभी तो दो दो दिनों तक तार की मरम्मत नहीं हो पाती थी और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित रहती थी, लेकिन अब केबलिंग की जा रही है, जिससे बिजली चोरी में तो राहत मिलेगी ही साथ ही आंधी तूफान में भी तार के टूटने व गिरने का डर समाप्त हो जाएगा। जिससे अब बिजली कट की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
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सरायकेला-चाईबासा रोड के उपभोक्ताओं को को किया जा रहा अलग
सरायकेला-चाईबासा मुख्य सड़क के आस पास रहने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के लिए अलग लाई और सरायकेला बाजार व बस्ती के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग केबुल का कनेक्शन किया जा रहा है।
ताकि अगर बिजली कटती है तो पूरे क्षेत्र प्रभावित नहीं होगा। अगर चाईबासा रुट में बिजली के उपकरणों की मरम्मत करनी होगी तो सिर्फ चाईबासा रुट की ही बिजली काटी जाएगी। इसी तरह अगर सरायकेला बाजार या बस्ती में बिजली की समस्या होगी तो वहां के लाइन काट कर मरम्मत की जाएगी।
सरायकेला में विद्युत केबुल लगाए जा रहे हैं। आंधी तूफान में भी अब तार के टूटने का भय नहीं रहेगा, सरायकेला वासियों को निरंतर बिजली मिलती रहेगी। विद्युत उपकरणों की मरम्मत करने की जरुरत होगी तो बांटे गए लाइनों के आधार पर सिर्फ उसी क्षेत्र की बिजली काटी जाएगी जहां विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है। केबुल लगाए जाने के कारण बिजली की चोरी भी नहीं होगी। -लालजी महतो, कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग सरायकेला