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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    JSSC CGL Exam 2024: झारखंड सीजीएल परीक्षा में इस बार अलग तरह से होगी जांच, अब परिंदा भी नहीं मार सकता पर

    Updated: Fri, 20 Sep 2024 08:21 AM (IST)

    Jharkhand CGL Exam झारखंड में 21 और 22 सितंबर को स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी। सिमडेगा जिले में 10 परीक्षा केंद्र बन ...और पढ़ें

    झारखंड में सीजीएल परीक्षा के लिए अलग तरह की जांच व्यवस्था ( PTI सांकेतिक)
    झारखंड में सीजीएल परीक्षा के लिए अलग तरह की जांच व्यवस्था ( PTI सांकेतिक)

    जागरण संवाददाता,सिमडेगा (झारखंड)। Jharkhand News: झारखंड में आगामी 21 एवं 22 सितंबर को झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 आयोजन किया जा रहा है। इस बार अलग तरह की जांच व्यवस्था की गई है। परीक्षा संचालन को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से एसडीओ सुमंत तिर्की ने सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लगा दी है।

    सिमडेगा जिले में 10 सेंटर

    बता दें कि झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के लिए 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें सिमडेगा कालेज, सिमडेगा .सीएम आफ़ एक्सीलेंस स्कूल (एस. एस. प्लस टू हाई स्कूल बालक,) सिमडेगा, सीएम आफ़ एक्सीलेंस स्कूल (एस एस प्लस टू हाई स्कूल बालिका) सिमडेगा,उर्सुलाइन कान्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल सामटोली, सिमडेगा, संत अन्ना बालक विद्यालय सामटोली, सिमडेगा,सेंट मेरीज़ हाई स्कूल सामटोली, सिमडेगा, सेंट जान्स इंग्लिश मीडियम फरसाबेड़ा,खु्टीटोली, सिमडेगा,डीएवी पब्लिक स्कूल टुकुपानी, सिमडेगा,संत जेवियर कॉलेज सामटोली, सिमडेगा, कस्तूरबा गांधी सीएम आफ़ एक्सीलेंस स्कूल सलडेगा शामिल हैं।

    अलग तरह की होगी जांच व्यवस्था

    एसडीओ सुमंत तिर्की ने परीक्षा के दिन सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर की परिधि में बीएनएसएस 163(निषेधाज्ञा) लागू कर दिया है। एसडीओ ने बताए कि इसके अन्तर्गत परीक्षा केन्द्र के आस-पास 100 मीटर की परिधि के भीतर किसी व्यक्ति द्वारा मटरगश्ती करना, लाउडस्पीकर का प्रयोग करना, घातक हथियार लेकर चलना, प्रदर्शन करना, धरना देना, परीक्षा की अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या नकल कराना, उत्तर पुस्तिका लेकर भाग जाना, उसे नष्ट करना आदि कृत्य संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं।

    जो झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम 2001 के संगत धाराओं के अन्तर्गत दंडनीय है। ऐसे प्रकरणों में जुर्माना एवं सजा दोनों हो सकती है और उनका अभ्यर्थित्व समाप्त किया जा सकता है। 

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