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    सड़क दुर्घटना में 13 वर्षीय छात्र की मौत पर 29 लाख रुपये मुआवजे का निर्देश, सिमडेगा कोर्ट का बड़ा फैसला

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 07:00 PM (IST)

    सिमडेगा अदालत ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 13 वर्षीय छात्र के माता-पिता को 29 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने बीमा कंपनी को ...और पढ़ें

    13 वर्षीय छात्र की सड़क दुर्घटना में मौत पर 29 लाख रुपये मुआवजे का आदेश।

    13 वर्षीय छात्र की सड़क दुर्घटना में मौत पर 29 लाख रुपये मुआवजे का आदेश।

    HighLights

    1. सिमडेगा कोर्ट ने 13 वर्षीय छात्र की मौत पर मुआवजा दिया।

    2. मृतक के माता-पिता को 29 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।

    3. बीमा कंपनी को 60 दिनों में भुगतान करने का आदेश।

    संवाद सूत्र जागरण, सिमडेगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण सिमडेगा के न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने सड़क दुर्घटना में असमय जान गंवाने वाले 13 वर्षीय छात्र के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

    न्यायालय ने मृतक छात्र के माता-पिता के पक्ष में 29 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश संबंधित बीमा कंपनी को दिया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर पूरी राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

    इस सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और विभिन्न मामलों में दिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी नाबालिग छात्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मुआवजे का निर्धारण केवल अनुमान या सामान्य आधार पर नहीं किया जा सकता है।

    ऐसे मामलों में मृतक की संभावित आय का आकलन सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी के आधार पर किया जाना चाहिए। इसी सिद्धांत को अपनाते हुए अदालत ने विस्तृत गणना कर मुआवजे की राशि तय की।

    न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि किसी परिवार के लिए कम उम्र में संतान को खोना केवल आर्थिक क्षति नहीं, बल्कि गहरा मानसिक और भावनात्मक आघात भी होता है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को न्यायोचित एवं उचित मुआवजा मिलना आवश्यक है, ताकि उन्हें कुछ हद तक राहत मिल सके।

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    यह मामला वर्ष 2024 में हुई एक सड़क दुर्घटना से संबंधित है, जिसमें 13 वर्षीय छात्र की मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में गवाही शुरू होने के मात्र तीन माह के भीतर ही सुनवाई पूरी कर अंतिम फैसला सुना दिया गया।

    मोटर दुर्घटना दावा मामलों में इतनी कम अवधि में निर्णय आना त्वरित न्याय का उदाहरण माना जा रहा है। इससे पहले भी एमएसीटी सिमडेगा की अदालत एक अन्य सड़क दुर्घटना मामले में मृतक के आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दे चुकी है।