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    बड़ाजामदा में रेल हादसा: लौह अयस्क लदी मालगाड़ी बेपटरी, 33 हजार वोल्ट का खंभा टूटा; घंटों बाधित रहा आवागमन

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 09:31 PM (IST)

    चक्रधरपुर रेल मंडल के बड़ाजामदा में गुरुवार शाम लौह अयस्क से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। तेज रफ्तार और रखरखाव की कमी को हादसे का कार ...और पढ़ें

    बड़ाजामदा रेलवे फाटक के समीप बेपटरी हुई मालगाड़ी।

    बड़ाजामदा रेलवे फाटक के समीप बेपटरी हुई मालगाड़ी।

    HighLights

    1. लौह अयस्क लदी मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतरे।

    2. गेटमैन की सूझबूझ से बड़ी जनहानि टल गई।

    संवाद सूत्र, नोवामुंडी । चक्रधरपुर रेल मंडल के बड़ाजामदा रेलवे फाटक के समीप गुरुवार शाम भीषण रेल हादसा होते-होते बचा। बड़बिल से लौह अयस्क (Iron Ore) लादकर जा रही एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। 
     

    तेज रफ्तार और मेंटेनेंस की कमी बनी वजह 

    घटना शाम करीब सात बजे की है, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। 
     
    बेपटरी होने के दौरान झटका इतना जोरदार था कि रेलवे लाइन के किनारे स्थित 33 हजार वोल्ट का बिजली का खंभा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रेलवे के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पटरी के उचित रखरखाव (मेंबटेनेंस) न होना इस हादसे का मुख्य कारण हो सकता है।
     

    गेटमैन की सूझबूझ ने बचाई जान 

    हादसे के वक्त रेलवे फाटक के पास टंकी साई की महिलाएं पानी भरने के लिए आ-जा रही थीं। अचानक तेज आवाज और चिंगारियां देखकर वहां भगदड़ मच गई।
     
     हालांकि, मौके पर तैनात रेलवे फाटक के चौकीदार ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत गेट बंद कर दिए और सिग्नल को लेकर सावधानी बरती, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
     

    बचाव कार्य के लिए बुलाई गई रिलीफ ट्रेन

    घटना की सूचना मिलते ही बड़ाजामदा के रेल अधिकारी हरकत में आए। डांगोवासपोसी के एआरएम जीरेंद्र माझी और एडीआरएम विनय कुजूर को मामले की जानकारी दी गई। 

    •     यातायात बाधित: हादसे के कारण रेलवे फाटक पर सड़क मार्ग पूरी तरह ठप हो गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बीच रास्ते में फंसे डिब्बों को खिसकाकर सड़क परिचालन आंशिक रूप से बहाल किया गया।
    •     मरम्मत कार्य: चक्रधरपुर से रिलीफ ट्रेन और डांगोवासपोसी से मैकेनिकल टीम को मौके पर बुलाया गया है। देर रात तक डिब्बों को पटरी पर चढ़ाने और बिजली लाइनों की मरम्मत का कार्य जारी रहा।