चाईबासा में शिबू सोरेन मूर्ति विवाद: झामुमो-आदिवासी हो समाज के बीच बढ़ा तनाव, पुलिस ने धरना पर बैठे लोगों को जबरन उठाया
चाईबासा बाईपास चौक पर शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर झामुमो और आदिवासी हो समाज महासभा के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। ...और पढ़ें
-1785574448451_m.webp)
HighLights
चाईबासा चौक पर प्रतिमा स्थापना को लेकर गहराया विवाद।
झामुमो शिबू सोरेन, आदिवासी हो समाज शहीद पोटो हो की मांग।
पुलिस ने हस्तक्षेप कर तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। चाईबासा बाईपास चौक पर दिशुम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और आदिवासी हो समाज महासभा के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
दोनों संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और प्रतिमा स्थल पर अपने-अपने झंडे तथा महापुरुषों के चित्र लगाने के बाद जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
झामुमो की ओर से चाईबासा बाईपास चौक पर दिशुम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्य जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए बाईपास चौक पहुंचे।

वहां पहले से मौजूद झामुमो कार्यकर्ताओं और महासभा के सदस्यों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा स्थल पर पार्टी का झंडा, बैनर और दिशुम गुरु शिबू सोरेन का चित्र लगाया।

इसके जवाब में आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्यों ने भी वहां अपना झंडा फहराया और शहीद पोटो हो का चित्र स्थापित कर दिया। दोनों पक्षों के बीच लगातार नारेबाजी होती रही, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्य प्रतिमा स्थल के समीप धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि उक्त स्थल पर शहीद पोटो हो की प्रतिमा स्थापित की जाए।

सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और मुफस्सिल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि वार्ता के बावजूद धरने पर बैठे लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बाद में अपर उपायुक्त सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत की, लेकिन सहमति नहीं बनने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धरने पर बैठे आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्यों को पुलिस की निगरानी में एक बस में बैठाकर वहां से हटाया गया। इसके बाद धरना स्थल खाली कराया गया।
खबरें और भी

धरना समाप्त होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से बाईपास चौक पर प्रतिमा स्थापना से संबंधित कार्य आगे बढ़ाया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

प्रशासन की सतर्कता के कारण किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई, हालांकि प्रतिमा स्थापना को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गया। अब इस मामले को लेकर प्रशासन की आगे की कार्रवाई और निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।