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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम में सर्द हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी, सात डिग्री पहुंचा इस इलाके का पारा; लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    By Dinesh SharmaEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Wed, 20 Dec 2023 05:42 PM (IST)

    दिसंबर खत्म होते-होते ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। झारखंड के विभिन्न इलाकों में ठंड से ठिठुरने लगे हैं। इसी तरह चक्रधरपुर में भी हाड़ कं ...और पढ़ें

    पश्चिमी सिंहभूम में सर्द हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी, सात डिग्री पहुंचा इस इलाके का पारा; लोगों की बढ़ी मुश्किलें
    पश्चिमी सिंहभूम में सर्द हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी, सात डिग्री पहुंचा इस इलाके का पारा; लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    HighLights

    1. चक्रधरपुर में कई जगह पर अधिकतम तापमान 23 डिग्री पहुंच गया
    2. जिले के स्कूलों के समय में अब तक बदलाव नहीं किया गया

    जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। चक्रधरपुर में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र में तापमान साढ़े आठ डिग्री तक लुढ़क गया है, जबकि सारंडा के बीहड़ों में तो पारा इससे भी एक से डेढ़ डिग्री तक कम बताया जा रहा है। खासकर गोईलकेरा व मनोहरपुर प्रखंड के चिड़िया क्षेत्र में पारा और भी नीचे है।

    अधिकतम तापमान भी गोता लगाकर 23 डिग्री पहुंच गया है। नतीजन लोग अब शाम ढलने पर नहीं वरन पूरे दिन गर्म कपड़ों में लदे नजर आ रहे हैं। शहरी क्षेत्र सुबह सात-आठ बजे तक कोहरा से ढका रहता है। ग्रामीण क्षेत्र व हाइवे में भी कोहरा छाया रहता है। कनकनी भरी ठंड के कारण इंसान के साथ-साथ जानवर भी ठंड से कांप रहे हैं।

    लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    सुबह से ही स्वेटर व गर्म कपड़े लोग पहनकर ही अपने घरों से निकल रहे है। आसमान पूरी तरह से साफ है, इसके बावजूद कंपकपाती ठंड से लोग परेशान हैं। इधर, कंपकपाती ठंड से बचने के लिए लोग अपने घर में ही सुविधानुसार हीटर अथवा अलाव का सहारा ले रहे हैं। कड़ाके की ठंड और कनकनी के बीच बच्चे ठिठुरते हुए सुबह स्कूल जा रहे हैं।

    शीतलहरी के कारण कंपकंपी बढ़ गई है। साधन संपन्न लोग गर्म कपड़े, हीटर का उपयोग कर ठंड से बचाव कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले के स्कूलों के समय में अब तक बदलाव नहीं किया गया है। अत्यधिक ठंड को देखते हुए छात्रों के छुट्टी की घोषणा की मांग की जा रही ताकि कंपकपाती ठंड से बच्चों को राहत मिल सके। प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों को कंबल तो बांटे गए, लेकिन हर साल की तरह शहर के प्रमुख जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई।

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