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    ढीपासाई विवाद: मुहल्ले का नाम बदलने की कोशिश पर ग्रामीणों ने जताया ऐतराज, पुलिस की मौजूदगी में हटा बोर्ड

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 09:25 PM (IST)

    जगन्नाथपुर के ढीपासाई टोला में 'महफूज कॉलोनी' बोर्ड लगाने पर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि बिना सामाजिक सहमति के नाम बदलना आपसी सौहार् ...और पढ़ें

    जगन्नाथपुर में ‘महफूज कॉलोनी’ के बोर्ड पर हुुआ हंगामा।

    जगन्नाथपुर में ‘महफूज कॉलोनी’ के बोर्ड पर हुुआ हंगामा।

    HighLights

    1. ढीपासाई टोला में 'महफूज कॉलोनी' बोर्ड पर विवाद।

    2. ग्रामीणों ने नाम बदलने का कड़ा विरोध किया।

    3. पुलिस ने हस्तक्षेप कर विवादित बोर्ड हटाया।

    जागरण संवाद सूत्र, जगन्नाथपुर। जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत ढीपासाई टोला में एक घर के बाहर ‘महफूज कॉलोनी’ नामक बोर्ड लगाने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि क्षेत्र का नाम वर्षों से ढीपासाई है और किसी व्यक्तिगत स्तर पर नया नामकरण करना आपसी सौहार्द को बिगाड़ सकता है। 

    दो घंटे तक चली तीखी बहस 

    विवाद बीती रात उस समय गहरा गया जब सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण बोर्ड हटाने की मांग को लेकर जमा हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि ढीपासाई में लगभग 300 परिवार रहते हैं, जिनमें पांच मुस्लिम परिवार हैं। 
     
    बिना सामाजिक सहमति के मुहल्ले का नाम बदलने की कोशिश उचित नहीं है। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। लगभग तीन घंटे की मशक्कत और बातचीत के बाद पुलिस ने विवादित बोर्ड को वहां से हटवाया।  

    प्रशासनिक रुख और नियम 

    मौके पर पहुंचे अंचल अधिकारी (CO) मनोज मिश्रा और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सत्यम कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र या कॉलोनी का नामकरण एक सरकारी प्रक्रिया के तहत होता है। इसके लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर अंचल कार्यालय को भेजना अनिवार्य है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
     
    स्थानीय मौलाना शम्मी अफरोज ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जगन्नाथपुर हमेशा से भाईचारे का प्रतीक रहा है और इसकी गरिमा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। मुंडा विकास कुमार महापात्र ने जानकारी दी कि फिलहाल बोर्ड हटा दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।  

    15 जनवरी को होगी बैठक


    इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए अंचल कार्यालय में 15 जनवरी को दोनों समुदायों के प्रबुद्ध लोगों और ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बैठक में आपसी सहमति से विवाद को पूरी तरह सुलझा लिया जाएगा।