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    गोइलकेरा CHC मामला: कमीशन के चक्कर में खरीदी जा रही शॉर्ट एक्सपायरी दवाएं, ACB सख्त

    Updated: Sat, 07 Mar 2026 08:19 PM (IST)

    गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक मरीज को एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने का मामला गरमा गया है। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पे ...और पढ़ें

    फाइल फोटो।

    फाइल फोटो।

    HighLights

    1. ACI ने कमीशन हेतु शॉर्ट-एक्सपायरी दवा खरीद का आरोप लगाया।

    2. मुख्यमंत्री और डीसी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।

    संवाद सूत्र, गोइलकेरा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक मरीज को एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने कड़ा रुख अपनाया है। 

    कमीशन के लालच में मरीजों की जान से खिलवाड़ 

    रामहरि पेरियार ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन और सप्लायरों के गठजोड़ पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और मोटे कमीशन के लालच में जानबूझकर शॉर्ट-एक्सपायरी (जल्द खराब होने वाली) दवाएं खरीदी जा रही हैं। 
     
    उन्होंने कहा क‍ि कमीशनखोरी की गंदी भूख ने सरकारी अस्पतालों को इलाज का नहीं, बल्कि मौत का अड्डा बना दिया है। यह साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब मरीजों की जिंदगी के साथ संगठित भ्रष्टाचार है। 

    सीएम हेमंत सोरेन और डीसी से जांच की मांग 

    प्रदेश अध्यक्ष ने इस घटना को सरकारी राजस्व की क्षति और मरीजों की सुरक्षा के साथ खतरा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और चाईबासा डीसी अनन्या मित्तल (तत्कालीन डीसी संदर्भ) से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। 
     
    उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भ्रष्ट पदाधिकारियों को पदमुक्त कर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सिस्टम में सुधार संभव नहीं है। इसको लेकर स्‍थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। 

    क्या है मुख्य आरोप? 

    •     शॉर्ट एक्सपायरी दवाओं की खरीद: अधिक कमीशन के चक्कर में ऐसी दवाएं ली जा रही हैं जिनकी मियाद खत्म होने वाली होती है।
    •     प्रबंधन की चूक: अस्पताल प्रभारी की निगरानी पर सवाल, जिससे एक्सपायरी स्लाइन मरीज की नस तक पहुंच गई।
    •     आर्थिक नुकसान: सरकारी धन का दुरुपयोग कर घटिया दर्जे की दवाओं का भंडारण।