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    गोइलकेरा में हाथी-मानव संघर्ष, गांव में घुसे हाथियों के हमले से बच्चे की मौत, एक बच्ची गंभीर

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 09:31 PM (IST)

    गोइलकेरा के सायतवा गांव में शुक्रवार देर रात हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना में 13 वर्षीय रेंगा कयोम की मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय ढिंगी गागर ...और पढ़ें

    शनिवार को हाथी के हमले से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा में बच्चे की मौत हो गई।

    शनिवार को हाथी के हमले से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा में बच्चे की मौत हो गई।

    HighLights

    1. गोइलकेरा के सायतवा गांव में हाथियों का जानलेवा हमला।

    2. वन विभाग ने मृतक के परिवार को तत्काल सहायता दी।

    जागरण संवाद सूत्र, गोइलकेरा। गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में हाथी ने जानलेवा हमले कर डाले। शुक्रवार देर रात हाथियों के झुंड के गांव में घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। 
     
    इस दौरान एक 13 वर्षीय बच्चे की कुचलकर मौत हो गई, जबकि एक 10 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 11 बजे हाथियों का एक झुंड सायतवा गांव में प्रवेश कर गया। 
     
    अचानक हाथियों के आने से घबराए ग्रामीण जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरातफरी के बीच सायतवा गांव निवासी मंदरू कयोम के पुत्र रेंगा कयोम (13) हाथियों के झुंड की चपेट में आ गया। 
     
    हाथियों ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी घटना में चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी गांव निवासी नंदू गागराई की 10 वर्षीय बेटी ढिंगी गागराई भी हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। 
     
    घायल बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह वन विभाग के वनरक्षी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। 
     
    उन्होंने इसकी जानकारी वन क्षेत्र पदाधिकारी और गोइलकेरा थाना को दी। वन विभाग के अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा गया। 
     
    वन क्षेत्र पदाधिकारी ने मृतक बच्चे के पिता मंदरू कयोम को तत्काल 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। साथ ही हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है। 
     
    बताया गया कि हाथियों ने गांव में कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की ओर से हाथियों को गांव से खदेड़ने के लिए पटाखे और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। 
     
    इसके अलावा ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय समूह में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।