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    अंधविश्वास की बलि : कुमारडुंगी में महिला और नवजात को जिंदा जलाकर मार डाला, पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 5 को दबोचा

    Updated: Wed, 18 Feb 2026 08:58 PM (IST)

    पश्चिम सिंहभूम के कुमारडुंगी में अंधविश्वास के चलते एक मां और उसके छह माह के बच्चे को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। डायन होने के आरोप में हुई इस ...और पढ़ें

    घरखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी में हुई दर्दनाक घटना के बारे में जानकारी देते पुलिस पदा‍धिकारी व पीछे खड़े आरोपी।

    घरखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी में हुई दर्दनाक घटना के बारे में जानकारी देते पुलिस पदा‍धिकारी व पीछे खड़े आरोपी।

    HighLights

    1. अंधविश्वास के चलते डायन होने का आरोप लगाया गया।

    2. पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच को गिरफ्तार किया।

    जागरण संवाददाता, कुमारडुंगी। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से अंधविश्वास और क्रूरता की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के कलाईया गांव (कुदासाई टोला) में मंगलवार की देर रात डायन होने के संदेह में एक महिला और उसके महज छह महीने के मासूम बच्चे को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। 
     
    इस भीषण वारदात में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मृतका का पति झुलसी हुई हालत में भागकर जान बचाने में सफल रहा। 

    आधी रात को 'मौत' बनकर पहुंचे ग्रामीण 

    घटना मंगलवार रात करीब नौ बजे की है। पीड़ित कोल्हान सिंकु अपनी दूसरी पत्नी ज्योति सिंकु (32) और दो बच्चों के साथ कमरे में सो रहा था।
     
    उसी घर के दूसरे कमरे में उसकी पहली पत्नी जानी सिंकु भी बच्चों के साथ थी। इसी दौरान गांव का ही रासिका बिरुवा अपने भाइयों और करीब 8-9 अन्य लोगों के साथ कोल्हान के घर पहुंचा और उसे जबरन बाहर निकाला। 

    पंचायत में फैसला करने की गुहार लगाती रही 

    आरोप है कि रासिका बिरुवा ने कोल्हान की दूसरी पत्नी ज्योति पर डायन होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कोल्हान ने हाथ जोड़कर मामले का फैसला पंचायत में करने की गुहार लगाई, लेकिन हमलावरों ने एक न सुनी। 
     
    देखते ही देखते आरोपियों ने ज्योति पर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया। इसमें महिला और मासूम बुरी तरह झुलस कर जल गए। 

    मासूम को बचाने की कोशिश भी रही नाकाम 

    आग की लपटों से घिरी ज्योति ने अपनी जान की परवाह न करते हुए गोद में सो रहे छह माह के नवजात को बचाने के लिए उसे जमीन पर गिरा दिया और खुद घर के अंदर भागकर कंबल से आग बुझाने की कोशिश की। 
     
    लेकिन पेट्रोल की वजह से आग और भड़क उठी और ज्योति ने वहीं दम तोड़ दिया। दुर्भाग्यवश, जमीन पर गिरा मासूम भी आग की चपेट में आ गया और उसकी भी जलकर मौत हो गई। 

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 5 गिरफ्तार 

    इस भयानक मंजर को देख कोल्हान की पहली पत्नी अपने बच्चों को लेकर वहां से भाग निकली। बुधवार सुबह जब घायल कोल्हान सिंकु ने पुलिस को आपबीती सुनाई, तो प्रशासन हरकत में आया। 
     
    जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रफायल मुर्मु के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रासिका बिरुवा सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।


    गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    1.     रासिका बिरुवा उर्फ चेचे (29)
    2.     जेना बिरुवा (19)
    3.     सोना बिरुवा (36)
    4.     डेलगा सिंकु (20) 
    5.     सुकुमारी बिरुवा 

    वैज्ञानिक तरीके से हो रही जांच 

    पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए अन्य लोगों से पूछताछ जारी है और दो-तीन और महिलाओं की संलिप्तता की पुष्टि हुई है जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। 
     
    घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची से राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम को बुलाया गया है, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। मामले की जांच के लिए इंस्पेक्टर बासुदेव मुंडा, थाना प्रभारी मिलन करमाली और धीरज कुमार यादव की एक विशेष टीम गठित की गई है।