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    ओडिशा: झारसुगुड़ा स्टेशन पर धू-धू कर जला सिग्नल एंड टेलीकॉम ऑफिस, प्लेटफॉर्म पर छाया काला धुआं, सुरक्षा के कारण थमे ट्रेनों के पहिए

    By Rupesh kumar vickeyEdited By: Sanjeev Kumar
    Updated: Tue, 13 Jan 2026 02:46 PM (IST)

    चक्रधरपुर रेल मंडल के झारसुगुड़ा स्टेशन पर मंगलवार सुबह सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T) कार्यालय में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि सुरक्षा कारणों से झा ...और पढ़ें

    स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर स्थित सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T) कार्यालय के पास अगलगी के बाद उठता काला धुआं।

    स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर स्थित सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T) कार्यालय के पास अगलगी के बाद उठता काला धुआं।

    HighLights

    1. झारसुगुड़ा स्टेशन के S&T कार्यालय में लगी भीषण आग।

    2. तीन घंटे बाद आग पर काबू, कोई जनहानि नहीं।

    जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत ओडिशा स्थित झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर स्थित सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T) कार्यालय में भीषण आग लग गई। 
     
    आग इतनी विकराल थी कि आसमान में उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। सुरक्षा कारणों से रेल प्रशासन को झारसुगुड़ा रूट पर ट्रेनों का परिचालन कुछ घंटों के लिए पूरी तरह रोकना पड़ा।
     
    सुबह 11:30 बजे मची भगदड़ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे की है। जैसे ही कार्यालय से धुएं के गुबार निकलने शुरू हुए, पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। 
     
    धुआं इतना घना था कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। यात्रियों और रेल कर्मियों में दहशत फैल गई। मुस्तैदी दिखाते हुए आरपीएफ (RPF) के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और प्लेटफॉर्म नंबर-1 को खाली कराया ताकि कोई हताहत न हो।
     
    तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। रेलवे कर्मियों और दमकल विभाग के साझा प्रयासों से करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 
     
    राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण उपकरण और दस्तावेज जलकर खाक होने की आशंका है।
     
    यातायात हुआ प्रभावित, जांच के आदेश आग की गंभीरता को देखते हुए रेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ट्रेनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया था, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। 
     
    रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है और आग से हुए आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक ध्यान सिग्नलिंग व्यवस्था को बहाल करने पर है ताकि ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से सुचारू हो सके।