कुमारडुंगी मर्डर मिस्ट्री: शादी का दबाव बना तो प्रेमिका बनी कातिल, दो भतीजों संग मिलकर की प्रेमी की हत्या
कुमारडुंगी पुलिस ने बड़मिता जंगल में मिले कार्तिक महाराणा के संदिग्ध शव की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि उसकी प्रेमिका मानी देवी ने शादी क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
शादी के दबाव और विवाद हत्या का मुख्य कारण।
साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सुनसान जंगल में फेंक दिया।
संवाद सूत्र, कुमारडुंगी। जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़मिता जंगल में मिले संदिग्ध शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। कार्तिक महाराणा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी प्रेमिका मानी देवी ने अपने दो भतीजों के साथ मिलकर की थी।
जंगल में मिला था संदिग्ध शव
पुलिस ने मुख्य आरोपी मानी देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि हत्या में शामिल उसके दो अन्य रिश्तेदार फिलहाल फरार हैं। मझगांव थाना क्षेत्र के बालियापोसी निवासी कार्तिक महाराणा का शव हाथी सागोम चौक के समीप बड़मिता जंगल से बरामद किया गया था।
शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो पा रही थी, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर शिनाख्त की और मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि कार्तिक घटना वाले दिन बाजार से लौटने के बाद किसी का फोन आने पर घर से निकला था और फिर कभी वापस नहीं आया।
हत्या की वजह: शादी का दबाव और विवाद
पुलिस के अनुसार, कार्तिक महाराणा और मानी देवी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। इस रिश्ते की वजह से चार साल पहले कार्तिक की पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी और वह अपने दो बच्चों (12 और 9 वर्ष) के साथ रह रहा था।
हत्या का मुख्य कारण शादी का दबाव बना। कार्तिक लगातार मानी देवी पर विवाह करने के लिए जोर दे रहा था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
8 अप्रैल को विवाद इतना बढ़ गया कि मानी देवी ने कार्तिक की बहन के सामने ही उसे थप्पड़ मार दिया था। इसके बावजूद कार्तिक शादी की जिद पर अड़ा रहा, जिससे तंग आकर मानी देवी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
ऐसे रची गई मौत की साजिश
मानी देवी ने इस हत्याकांड में अपने दो भतीजों को शामिल किया:
- शत्रुघन गोप: उसकी बड़ी बहन का बेटा (मझगांव निवासी)।
- मकनु गोप उर्फ कृष्णा: उसकी ननद का बेटा (जगन्नाथपुर निवासी)।
योजना के तहत, मानी देवी ने कार्तिक को फोन कर मिलने के बहाने बुलाया और बहला-फुसलाकर जंगल की ओर ले गई। वहां पहले से घात लगाए बैठे उसके दोनों भतीजों ने कार्तिक पर हमला कर दिया।
तीनों ने मिलकर उसे तब तक पीटा जब तक उसकी जान नहीं निकल गई। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सुनसान जंगल में फेंक दिया गया। कुमारडुंगी पुलिस ने सोमवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर मानी देवी को दबोच लिया।
पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब फरार आरोपियों, शत्रुघन और मकनु गोप की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।