कुमारडुंगी में वज्रपात से 10 वर्षीय बच्चे की मौत, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से एक दर्जन से अधिक घायल
पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी प्रखंड में अचानक आए आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात से भारी तबाही हुई। इस प्राकृतिक आपदा में 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो ...और पढ़ें

तेज आंधी चलने के कारण एक घर पर गिरा विशाल पेड़।
HighLights
कुमारडुंगी में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात।
10 वर्षीय बच्चे की वज्रपात से मौत।
एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर घायल।
संसू, कुमारडुंगी । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी प्रखंड में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी है। भीषण गर्मी के बीच अचानक तेज आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने कई गांवों को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया।
इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तेज आंधी के कारण दर्जनों परिवारों के आशियाने उजड़ गए हैं और वे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
40 डिग्री तापमान के बीच अचानक बदला मौसम
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार दोपहर तक पूरे इलाके में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का प्रकोप था। तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन शाम करीब 4:00 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ आंधी-बारिश शुरू हो गई।
वज्रपात की चपेट में आया मासूम, इलाज के अभाव में तोड़ा दम
इसी दौरान प्रखंड के कई हिस्सों में भीषण वज्रपात भी हुआ, जो जानलेवा साबित हुआ। प्रखंड के बड़ालुंती गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई। गांव के निवासी प्रगणा तिरिया का 10 वर्षीय पुत्र सूरज तिरिया उर्फ मोराई अन्य तीन बच्चों के साथ घर से बाहर था।
इस दौरान अचानक उनके बेहद करीब वज्रपात हो गया। इस आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सूरज के सिर पर गंभीर चोट लगी, जबकि अन्य तीन बच्चों को हल्की चोटें आईं।
गंभीर रूप से झुलसे सूरज को परिजन तुरंत घर लेकर पहुंचे, लेकिन बाहर जारी मूसलाधार बारिश और चक्रवाती आंधी के कारण उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। आखिरकार सही समय पर इलाज न मिलने के कारण मासूम ने घर पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
इन गांवों में दिखा आंधी का सबसे घातक असर
मौसम के इस रौद्र रूप का सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित गांवों में देखने को मिला:
- अंधारी, छोटारायकमन, बड़ालुंती, बेड़ामुंडुई
- बांकधर, बड़ारायकमन, छोटालुंती
- उंडुदा, दिरीगो और कोकरकाटा
तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि इन गांवों में स्थित अधिकांश कच्चे और टिन/एस्बेस्टस की छत वाले मकानों के छप्पर हवा में उड़ गए।
मलबे और पेड़ों के नीचे दबने से मची चीख-पुकार
अंधारी चौक में कृष्णा हेम्ब्रम के दुकाननुमा घर का छप्पर तेज हवा में उड़ गया। छत पर लगा भारी एस्बेस्टसटूटकर नीचे रह रहे किरायेदार देवेंद्र कुंकल, उनकी पत्नी और दो बच्चों पर गिर पड़ा। इस हादसे में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
- घर पर गिरा विशाल पेड़: अंधारी गांव में ही लादु हेम्ब्रम के घर पर एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से उनके ससुर बिरसिंग आंगरिया, सास तारामनी कुई, पत्नी ज्योति हेम्ब्रम और अनीस हेम्ब्रम घायल हो गए।
- मलबे में फंसा रहा परिवार: बेड़ामुंडुई गांव के नागासाई टोला में आम का एक बड़ा पेड़ एक मकान पर जा गिरा। हादसे में तीरसी हेम्ब्रम, उदित हेस्सा और एक छोटा बच्चा अंकुरा बागे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल तीरसी हेम्ब्रम ने बताया कि पेड़ गिरने के बाद वह तीन बच्चों के साथ करीब एक घंटे तक ढह चुके घर के भीतर ही फंसी रहीं। अंधेरे और तेज बारिश के बीच ग्रामीण भारी दहशत में थे।
बेघर हुए परिवारों के सामने भोजन का संकट
तबाही का आलम यह है कि अंधारी गांव की सावित्री हेम्ब्रम समेत दर्जनों ग्रामीणों के आशियाने पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो चुके हैं। मलबे में दबने के कारण लोगों के खाने-पीने का राशन और घरेलू सामान बर्बाद हो गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करने में जुट गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बेघर हुए परिवारों को तुरंत तिरपाल, राहत सामग्री और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

