विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चाईबासा में तूफान के साथ जमकर पड़े ओले, अचानक ढह गया साईं महोत्सव का पंडाल; मची अफरा-तफरी

Published: Thu, 20 Mar 2025 09:37 PM (IST)

चाईबासा में श्री साईं महोत्सव के दौरान तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण विशाल पंडाल ढह गया। इस हादसे में ...और पढ़ें

तूफान के साथ ओलावृष्टि से ढहा साईं महोत्सव का पंडाल। (जागरण फोटो)
तूफान के साथ ओलावृष्टि से ढहा साईं महोत्सव का पंडाल। (जागरण फोटो)

HighLights

  1. गांधी मैदान में बना था भव्य पंडाल, 2500 भक्तों के बैठने की थी व्यवस्था
  2. सात बजे शुरू होनी थी भजन संध्या, 6.15 बजे आ गया तूफान, मची अफरा-तफरी
  3. साईं भक्त बोले, बाबा की कृपा से बच गये, हो सकता था बड़ा हादसा

जागरण संवाददाता, चाईबासा। शहर और इसके आसपास के इलाकों में गुरुवार की शाम आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है। चाईबासा के गांधी मैदान में श्री साईं परिवार (ट्रस्ट) द्वारा आयोजित 18वें श्री साईं महोत्सव के लिए बनाया गया विशाल पंडाल ढह गया।

दर्जनों श्रद्धालु उसके नीचे दब गए। पंडाल स्थल पर अफरातफरी मच गई। इसमें राहत की बात यह रही कि प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आधा दर्जन लोगों को हल्की चोट आई है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर उपस्थित भीड़।

बुधवार की शाम को लगभग छह बजे महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। करीब 5000 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था इस पंडाल में की गई थी। भजन संध्या सायं 7 बजे से होनी थी। इससे पहले लगभग 6.15 बजे मौसम बिगड़ गया और आंधी-तूफान शुरू हो गया।

तूफान से बचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पंडाल में शरण लेने के लिए दौड़ पड़े। इसी दौरान तेज हवा और भारी दबाव के कारण पूरा पंडाल धड़ाम से गिर पड़ा, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए।

बचाव कार्य में जुटा प्रशासन, घोड़े का भी रेस्क्यू

पंडाल गिरते ही वहां मौजूद जिला पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस बल ने मिलकर मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब एक दर्जन श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

जेसीबी की ली गई मदद।

सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया और घर भेज दिया गया। सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके अलावा, देर शाम तक पंडाल के अंदर फंसे एक घोड़े का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।

यह घोड़ा महोत्सव में किसी धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा था, लेकिन पंडाल गिरने के कारण अंदर फंस गया था।

श्रद्धालुओं में दहशत, आयोजन समिति ने जताया दुख

इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई, लेकिन किसी की गंभीर चोट न लगने से राहत की बात रही। श्री साईं परिवार (ट्रस्ट) के आयोजकों ने इस अप्रत्याशित घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया।

पंडाल गिरने के बाद दबे लोगों को निकालते लोग।

साईं की कृपा से बड़ा हादसा टल गया। यदि भजन संध्या शुरू होने के बाद आंधी आई होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

प्रशासन की अपील - खराब मौसम में सतर्क रहें

घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बड़े आयोजनों में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। पंडाल और अन्य अस्थायी संरचनाओं की मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

चाईबासा में श्री साईं महोत्सव के दौरान हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भीड़भाड़ वाले आयोजनों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

प्रशासन की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें-

Dhanbad News: धनबाद में अचानक क्यों चलने लगा बुलडोजर? अधिकारियों के एक्शन से मच गया हड़कंप

Hazaribagh News: हजारीबाग हिंसा मामले में ताबड़तोड़ एक्शन, 245 के खिलाफ FIR दर्ज और 3 गिरफ्तार

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।