दक्षिण पूर्व रेलवे ने 4 महीने में बेचा 201.20 करोड़ का कबाड़, देश भर के रेलवे जोन्स में बना नंबर 1
दक्षिण पूर्व रेलवे ने चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में 201.20 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कबाड़ बेचकर सभी जोनल रेलवे में पहला स्थान हासिल किया है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।(AI Generated Image)
HighLights
दक्षिण पूर्व रेलवे ने 201.20 करोड़ का रिकॉर्ड कबाड़ बेचा।
यह बिक्री सभी भारतीय रेलवे जोन्स में सर्वाधिक है।
अक्टूबर 2026 तक 'जीरो स्क्रैप' का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। सुरक्षित रेल परिचालन को सुनिश्चित करने और रेलवे परिसरों को स्वच्छ रखने की दिशा में दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने एक नया इतिहास रचा है।
चालू वित्त वर्ष (2026-27) के शुरुआती चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे ने 201.20 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड स्क्रैप (कबाड़) बेचकर देश भर के सभी जोनल रेलवे को पीछे छोड़ दिया है।
राजस्व में 31.85 फीसदी का उछाल
रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, यह किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही/चार महीनों में दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा की गई अब तक की सबसे अधिक स्क्रैप बिक्री है।
स्क्रैप निपटान से अर्जित यह राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि (अप्रैल-जुलाई) की तुलना में 31.85% अधिक है। वहीं, रेलवे द्वारा निर्धारित आनुपातिक लक्ष्य से यह 57.80% अधिक दर्ज किया गया है।
सभी जोनल रेलवे में दक्षिण पूर्व रेलवे सबसे आगे
इस शानदार प्रदर्शन के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे वर्तमान में स्क्रैप निपटान से राजस्व अर्जित करने के मामले में भारतीय रेलवे के सभी जोन्स में पहले स्थान पर पहुँच गया है।
अक्टूबर 2026 तक जीरो स्क्रैप का लक्ष्य
भारतीय रेलवे के लिए स्क्रैप का शीघ्र निपटान एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। पटरियों के किनारे बिखरा कबाड़ न केवल रेल परिचालन के लिए खतरा बनता है।
बल्कि इसका समय पर निपटान करने से रेलवे को भारी राजस्व भी प्राप्त होता है। इससे रेलवे की संपत्तियों का बेहतर उपयोग होता है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
दक्षिण पूर्व रेलवे प्रशासन ने आगामी अक्टूबर 2026 तक पूरे जोन को जीरो स्क्रैप बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसे हासिल करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।