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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    West Singhbhum News: मशाल जुलूस के साथ नम आंखों से दी गई मां दुर्गा को विदाई, Photo में देखें मनमोहक दृश्य

    By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 11:31 PM (IST)

    पश्चिमी सिंहभूम में मंगलवार देर रात तक मां को दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होता रहा। इस दौरान जय दुर्गे के जयकारे गूंजते रहे। सैकड़ों जलते मशाल लिए शहर ...और पढ़ें

    मशाल जुलूस के संग नम आंखों से दी मां को विदाई। (जागरण फोटो)
    मशाल जुलूस के संग नम आंखों से दी मां को विदाई। (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. पारंपरिक संगीत पर जमकर थिरके माता के भक्त।
    2. विसर्जन पर निगरानी के लिए बनाया गया था वॉच टावर।
    3. विसर्जन जुलूस के दौरान लगाया गया था मेडिकल कैंप।

    रुपेश कुमार विक्की , चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम में मंगलवार देर रात तक मां को दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होता रहा। इस दौरान जय दुर्गे के जयकारे की चारोंओर गूंज रही। सैकड़ों जलते मशाल लिए शहर के प्रतिष्ठित आदि दुर्गा माता पूजा समिति पुरानी बस्ती की प्रतिमा को कांधे पर लेकर लोग सड़कों पर दौड़ पड़े। आदि माता की प्रतिमा को कांधे पर लेकर लोग मुख्य चौक तक पहुंचे।

    (पवन चौक में आदि दुर्गा पूजा समिति पुराना बस्ती का मशाल जुलूस)

    सन 1857 के गदर के बाद से यह सिलसिला चल रहा है। अरवा चावल फूलों की बारिश भक्तों के बीच से हो रही थी। हर कोई कांधे पर प्रतिमा को ले जाने के नजारे को करीब से देखना और छूना चाह रहा था।

    साढ़े सात बजे पवन चौक से प्रतिमा के जाने के बाद प्रशासन के लोगों ने राहत की सांस ली। बिना विघ्न बाधा की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं।

    (पवन चौक में विसर्जन जुलूस में माँ दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन करने को नदी घाट ले जाते हुए)

    इसके बाद एक-एक कर कुल 20 पंडालों के सदस्य प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इससे पहले आदि दुर्गा पूजा पंडाल पुरानी बस्ती पूजा पंडाल में महिलाओं ने सिंदूर खेला खेलते हुए आबार आसो मां कहकर मां की आराधना की। माैके प्रशासन सख्त चुस्त नजर आया।

    (आदि दुर्गा ममता का विसर्जन जुलूस)

    पारंपरिकवाद्य पर जमकर थिरके लोग

    पुरानी बस्ती की प्रतिमा छोड़ बाकी प्रतिमाओं का विसर्जन गाड़ियों से ले जाया गया। इस दौरान डीजे की धुन पर और पारंपरिक वाद्य, सिंग बाजा ढाक पर युवकों ने जमकर ठुमका लगाए। आधी रात तक प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। जबकि सादगीपूर्ण तरीके के बीच आदि पूजा समिति की प्रतिमा का विसर्जन हुआ।

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    (विसर्जन जुलूस की भीड़ के बीच फसा सीआरपीएफ़ का वाहन)

    22 स्थानों पर होती है मां दुर्गा की पूजा

    चक्रधरपुरमें 22 स्थानों पर मां दुर्गा की पूजा होती है। मंगलवार की शाम विसर्जन जुलूस निकला। जिसमें प्रशासन ही नहीं, बल्कि विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग रहा। संजय नदी के मुक्तिनाथ घाम घाट और पुरानीबस्ती के बालिया घाट पर विसर्जित किया गया।

    (पवन चौक में मशाल जुलूस को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद करते हज़ारो श्रद्धालुओ की भीड़)

    विसर्जन के लिए बने वॉच टावर में ये थे मौजूद

    पवनचौक पर विसर्जन के लिए वॉच टावर बना था। जहां विधायक सुखराम उराव, एसडीओ रीना हंसदा, प्रभारी डीएसपी दिलीप खलको,नगर परिषद अध्यक्ष केडी साह, सीओ गिरजानंद किशकु,नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल यादव, थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार आदिमौजूद थे।

    लगाया मेडिकल कैंप

    विसर्जन जुलूस के दौरान शहर के पवन चौक पर रेडक्रॉस सोसाइटी और अनुमंडल अस्पताल की ओर से मेडिकल कैंप गलाया गया था। कैंप में भीड़ के दौरान हल्की फुल्की चोट पहुंचने पर इलाज किया जा रहा था। वहीं कई सामाजिक संगठन और समाजसेवियों की ओर से शिविर लगाकर पानी और शरबत का वितरण किया गया। शहर के पवन चौक, शहीद भगत सिंह चौक और विसर्जन घाट पर दुकानें लगी थीं।

    (पवन चौक में विसर्जन के लिए बना गया वॉच टावर में मौजूद एसडीओ, विधायक, पूर्व नगर अध्यक्ष सहित अन्य)

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