पश्चिमी सिंहभूम में जंगली हाथी का उत्पात: घरों को तोड़ा, ग्रामीणों ने भागकर बचाई जान
नोवामुंडी के जोजो कुबीर गांव में आधी रात एक जंगली हाथी घुस आया। उसने तीन घरों की दीवारें तोड़कर अनाज खाया और घरेलू सामान क्षतिग्रस्त किए। ग्रामीणों ने ...और पढ़ें
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संवाद सूत्र, नोवामुंडी। नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत जोजो कुबीर गांव के पांडराय बेड़ा टोला में शुक्रवार आधी रात को भीड़ से भटका एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने रासिका लागुरी, दामू कोड़ा और पांडु कोड़ा के मकानों की दीवारें तोड़कर अंदर रखे अनाज को खा लिया और घरेलू सामानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय अचानक गांव में हाथी के प्रवेश से लोग घबराकर नींद से जाग उठे। सबसे पहले हाथी ने रासिका लागुरी के घर की दीवार तोड़ी और कमरे में रखा अनाज खाया। दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिवार के लोग बच्चों को लेकर अंधेरे में ही पड़ोसियों के घर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
इसके बाद हाथी दामू कोड़ा के घर पहुंचा, जहां उसने दीवार तोड़ने के साथ ही छत पर लगी अल्बेस्टर शीट को खींचकर फेंक दिया और कमरे में रखा धान व चावल खा गया। फिर पांडु कोड़ा के घर को निशाना बनाते हुए दीवार तोड़कर घरेलू सामानों को नुकसान पहुंचाया।
गांव में हाथी के उत्पात के बाद ग्रामीणों ने शोर-गुल और जलती मशालों के सहारे उसे भगाने का प्रयास किया। शोर सुनकर हाथी नदी की ओर बढ़ गया, जहां रास्ते में रेंसो सिंकु और मंगल सिंकु के करीब दो एकड़ में लगे करेला, लौकी, बरबटी, भिंडी, बैंगन और टमाटर को खाकर और रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया।
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ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन टीम के पहुंचने में देरी हो गई। इसी बीच हाथी तीन मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचाकर जंगल की ओर लौट गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।